Bihar School News : बिहार के सरकारी मध्य विद्यालयों में 1 जून से समर कैंप की शुरुआत होने जा रही है। इसे लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सभी विद्यालयों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस समर कैंप का मुख्य उद्देश्य वर्ग 5 और 6 के कमजोर एवं चिन्हित विद्यार्थियों की पढ़ाई में सुधार करना है, ताकि उनकी बुनियादी शैक्षणिक क्षमता मजबूत हो सके।
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने पोषक क्षेत्र से 2 से 3 स्वयंसेवकों या टोला सहायकों का चयन करना होगा। चयनित स्वयंसेवक समर कैंप के दौरान बच्चों को पढ़ाने और सीखने में मदद करेंगे। विभाग का मानना है कि स्थानीय स्तर पर सहयोग मिलने से बच्चों की पढ़ाई में तेजी से सुधार होगा।
जानकारी के मुताबिक यह समर कैंप 1 जून से 30 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान खासतौर पर उन बच्चों पर फोकस रहेगा जो पढ़ाई में कमजोर हैं या एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) कार्यक्रम के तहत चिन्हित किए गए हैं। कैंप में बच्चों को बुनियादी पढ़ाई, लेखन, गणित और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए विशेष गतिविधियां कराई जाएंगी।
समर कैंप की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 29 मई 2026 को प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सभी मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। विभाग ने निर्देश दिया है कि बैठक में चयनित टोला सहायकों, स्वयंसेवकों और समर कैंप में शामिल किए जाने वाले विद्यार्थियों की सूची लेकर आना होगा।
इसके अलावा प्रत्येक सीआरसी अंतर्गत आने वाले विद्यालयों को एफएलएन 2026-27 के तहत नामित विद्यार्थियों की सूची का समेकन कर प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समर कैंप के जरिए बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र से पहले बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा और उनकी कमजोरियों को दूर किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और उनकी बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी। विभाग ने सभी विद्यालयों को समर कैंप को सफल बनाने के लिए पूरी गंभीरता के साथ तैयारी करने का निर्देश दिया है।


