Bihar News : बिहार में चीनी की बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी की आशंका के बीच राज्य सरकार ने चीनी के स्टॉक को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब चीनी कारोबारियों और डीलरों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा तय कर दी गई है। किसी व्यापारी के पास तय सीमा से अधिक चीनी का भंडारण मिला तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने चीनी मिलों के स्टॉक की भी जांच कराने का फैसला लिया है।
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा है कि राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद कीमतों में बढ़ोतरी की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में स्टॉक छिपाकर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने या कालाबाजारी करने की कोशिश किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
व्यापारियों के लिए 400 टन की सीमा
सरकार के निर्देश के अनुसार चीनी के डीलर और व्यापारी अब अधिकतम 400 टन तक चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। जांच के दौरान इससे अधिक मात्रा में चीनी मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का फोकस सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं है। चीनी मिलों को भी अपने परिसर में स्टॉक रखने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। मिल से चीनी की बिक्री होने के बाद अधिकतम सात दिनों तक ही संबंधित चीनी का स्टॉक परिसर में रखा जा सकेगा। निर्धारित अवधि से अधिक स्टॉक मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पांच जिलों में होगी विशेष जांच
चीनी के स्टॉक की स्थिति का पता लगाने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी के जिलाधिकारियों को इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा गया है।
जांच के लिए जिले में एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। इसमें एक वरीय उप समाहर्त्ता और ईख पदाधिकारी शामिल होंगे। टीम चीनी मिलों के साथ-साथ जिले में कारोबारियों और डीलरों के यहां रखे चीनी के स्टॉक का भी भौतिक सत्यापन करेगी।
केंद्र की स्टॉक होल्डिंग सीमा भी लागू
दरअसल, केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक होल्डिंग की सीमा तय की है। यह सीमा 1 अगस्त से लागू हुई है और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत व्यापारियों के लिए 400 टन की अधिकतम स्टॉक सीमा निर्धारित की गई है।
राज्य सरकार को आशंका है कि पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध होने के बावजूद कुछ कारोबारी या मिल संचालक अधिक स्टॉक जमा कर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर सकते हैं। इससे कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए अब बिहार में स्टॉक की जांच तेज की जा रही है।
कीमतों पर सरकार की नजर
हाल के दिनों में बिहार के कुछ बाजारों में चीनी और गुड़ की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें सामने आई हैं। सरकार का मानना है कि यदि बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध है तो कीमतों में असामान्य वृद्धि नहीं होनी चाहिए। इसलिए स्टॉक की वास्तविक स्थिति और बाजार में बिक्री की निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब चीनी कारोबारियों को अपने गोदाम में रखे स्टॉक का हिसाब दुरुस्त रखना होगा। जांच टीम के पहुंचने पर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। तय सीमा से अधिक माल मिलने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
यानी आने वाले दिनों में चीनी के कारोबार पर सरकारी निगरानी और कड़ी होने वाली है। सरकार का उद्देश्य साफ है—चीनी की उपलब्धता बनी रहे, कीमतों पर अनावश्यक दबाव न पड़े और कालाबाजारी पर लगाम लगे।





