Bihar News : बिहार के कई जिलों में अचानक आए तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं, वहीं आम, लीची और अन्य फलों के पेड़ों को भी व्यापक क्षति पहुंची है। इस प्राकृतिक आपदा को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि किसानों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और नुकसान का सही आकलन कर राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को संयुक्त रूप से प्रभावित जिलों का सर्वे कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी प्रभावित किसान को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद क्षति के अनुसार सहायता राशि दी जाएगी।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से बिहार के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदला हुआ है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई जिलों में गेहूं, मक्का, सब्जियों और दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं बागवानी फसलों पर भी इसका असर देखा जा रहा है। आम और लीची के छोटे फलों के टूटकर गिरने से बागवानों की चिंता बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को समय पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सर्वे कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित किसानों की सूची पारदर्शी तरीके से तैयार की जाए ताकि वास्तविक किसानों को लाभ मिल सके।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी जिलों के डीएम से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है। कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर फसलों और बागानों की स्थिति का आकलन करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।
सम्राट चौधरी ने किसानों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। सरकार उनके साथ खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा पर किसी का नियंत्रण नहीं होता, लेकिन सरकार का दायित्व है कि संकट की घड़ी में किसानों को राहत पहुंचाई जाए।
इधर मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को भी मौसम संबंधी सलाह का पालन करने को कहा गया है।राज्य सरकार के इस फैसले से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर सर्वे और मुआवजा मिल जाता है तो उन्हें आर्थिक संकट से कुछ राहत मिल सकेगी। अब सभी की नजर सर्वे रिपोर्ट और सरकार द्वारा घोषित राहत पैकेज पर टिकी हुई है।

