बिहार में सुरक्षा सख्त: ज्वेलरी शॉप में चेहरा ढककर एंट्री बैन, गोपालगंज सदर अस्पताल में बिना आईडी प्रवेश पर रोक

बिहार में सुरक्षा को लेकर बड़े फैसले लिए गए हैं। 8 जनवरी से ज्वेलरी शॉप में चेहरा ढककर प्रवेश पर रोक लगेगी, वहीं गोपालगंज सदर अस्पताल में बिना ड्रेस कोड और वैध आईडी के एंट्री बंद कर दी गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 07 Jan 2026 03:42:31 PM IST

bihar

अस्पताल में ड्रेस कोड लागू - फ़ोटो REPORTER

PATNA: बिहार के तमाम ज्वेलरी शॉप के मालिकों ने सुरक्षा के लिहाज से दुकान का सामने एक नोटिस लगा दिया है, जिसमें यह लिखा गया है कि चेहरा ढककर आने पर दुकान में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। यह नियम 8 जनवरी से लागू होने जा रहा है। यह नियम लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य होगा। वही गोपालगंज सदर अस्पताल प्रशासन ने भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से सख्त कदम उठाया है। बिना ड्रेस कोड और वैध पहचान पत्र (आईडी) के किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के अस्पताल में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह निर्देश मरीजों और उनके परिजनों को छोड़कर बाकी सभी लोगों पर लागू होगा। 


बता दें कि जिस तरह से ज्वेलरी शॉप एसोसिएशन ने सुरक्षा को लेकर लिया है। उसी तरह का फैसला गोपालगंज सदर अस्पताल प्रशासन ने भी लिया है। लूट और डकैती की घटनाओं को देखते हुए ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) ने यह फैसला लिया है कि अब कोई भी व्यक्ति चाहे हो महिला हो या पुरुष वो अपने चेहरे पर मास्क, नकाब, बुर्का, हेलमेट, मफलर, हिजाब लगाकर ज्वेलरी शॉप में नहीं प्रवेश कर पाएगा। चेहरा ढका रहा तो आप गहना तक नहीं खरीद सकेंगे। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन के निर्देश पर ज्वेलरी शॉप के दुकानदारों ने अपने-अपने दुकान के सामने नो एंट्री का नोटिस लगा दिया है। पटना के लगभग सभी सोने-चांदी की दुकान के आगे यह पोस्टर चिपका दिया गया है। उसी तरह गोपालगंज सदर अस्पताल परिसर में हाल के दिनों में आई अव्यवस्थाओं और विवादों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। 


सदर अस्पताल परिसर में बिना ड्रेस कोड और वैध पहचान पत्र (आईडी कार्ड) के किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह निर्देश मरीजों और उनके परिजनों को छोड़कर बाकी सभी लोगों पर लागू होगा। यह पूरा मामला सदर अस्पताल, गोपालगंज से जुड़ा हुआ है, जहां हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल परिसर में बढ़ती भीड़, बाहरी लोगों की आवाजाही और हालिया विवादों को देखते हुए प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने का फैसला लिया है।


अब स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बिना ड्रेस कोड और वैध आईडी कार्ड के कोई भी व्यक्ति अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। यह नियम मरीजों और उनके परिजनों पर लागू नहीं होगा, लेकिन अन्य सभी कर्मियों, बाहरी लोगों और आगंतुकों को इसका पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में गार्ड प्रभारी को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी सुरक्षा गार्डों को कहा गया है कि वे प्रवेश द्वार पर सख्ती से जांच करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों को तुरंत रोका जाए। 


प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना, मरीजों को सुरक्षित और शांत वातावरण उपलब्ध कराना है। प्रशासन का यह भी मानना है कि सख्ती के बाद अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी और व्यवस्था बेहतर होगी। अस्पताल परिसर में अब प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा गार्डों की तैनाती और सघन जांच की व्यवस्था की जा रही है। ड्रेस कोड और आईडी कार्ड की जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कुल मिलाकर, गोपालगंज सदर अस्पताल में प्रशासन का यह फैसला सुरक्षा और व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका कितना असर दिखेगा, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट