ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

बिहार से गुजर रहा है ट्रफ लाइन, 2 दिनों तक पटना समेत कई जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

PATNA : दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी बिहार पर विशेष रुप से मेहरबान हैं. जिसके बाद से राज्य के सभी इलाकों में बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सीमावर्ती इलाके से मानसून की

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

PATNA : दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी बिहार पर विशेष रुप से मेहरबान हैं. जिसके बाद से राज्य के सभी इलाकों में बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सीमावर्ती इलाके से मानसून की ट्रफ लाइन गुजर रही है जिसके कारणकई इलाकों में अगले दो दिनों तक बारिश होती रहेगी. 

वहीं उत्तरी बिहार में अभी भारी बारिश हो रही है. इस तरह की स्थिती अगले दो दिनों तक बनी रहेगी. पटना मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है  कि हिमालय के तराई वााले इलाके में मानसून काफी सक्रिय है. जिसके कारण अगले दो दिनों तक झमाझम बारिश होने की संभावना है. राजधानी में रविवार को अधिकतम तामपान 33.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. 

वहीं राज्य के कई जिलों में सोमवार को झमाझम बारिश के साथ-साथ वज्रपात की आशंका है. इसे लेकर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वज्रपात के दौरान लोगों को वज्रपात के दौरान घर में ही रहना ज्यादा सुरक्षित है. खासकर हिमालय के तराई वाले इलाकों में वज्रपात की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है, जिसे लेकर लोगों से कम बाहर निकलने की अपील की है.