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Bihar schools : ब्लैकबोर्ड पर सब्जेक्ट और अटेंडेंस नहीं लिखा तो नपेंगे शिक्षक, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश

बिहार के सरकारी और आवासीय विद्यालयों में शिक्षण सुधार के लिए ब्लैकबोर्ड का नियमित उपयोग और आकस्मिक अवकाश पंजी का सही संधारण अनिवार्य। क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने सभी प्रधानाध्यापकों को नई गाइडलाइन जारी की।

Bihar schools : ब्लैकबोर्ड पर सब्जेक्ट और अटेंडेंस नहीं लिखा तो नपेंगे शिक्षक, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar schools : बिहार के सरकारी और आवासीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए क्षेत्रीय शिक्षा विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य ब्लैकबोर्ड के सही उपयोग और आकस्मिक अवकाश पंजी के संधारण में सुधार करना है। इससे न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, बल्कि विद्यालयों के प्रशासनिक रिकॉर्ड भी व्यवस्थित और पारदर्शी बनेंगे।


क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने स्पष्ट किया है कि ब्लैकबोर्ड का उपयोग केवल औपचारिकता के तौर पर न हो। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड पर विषय, कक्षा, तिथि और छात्रों की उपस्थिति सही ढंग से अंकित नहीं होती। कुछ स्कूलों में केवल विषय लिखा जाता है, लेकिन कुल छात्र संख्या या उपस्थिति का उल्लेख नहीं होता। ऐसे हालात में पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होती है और प्रशासनिक रिकॉर्ड अधूरी रहती है।


नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक कक्षा में ब्लैकबोर्ड के निर्धारित कोने में विषय, कक्षा, तिथि, कुल छात्र संख्या और उपस्थिति का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, शिक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कक्षा में पढ़ाई उसी विषय के अनुरूप हो जो ब्लैकबोर्ड पर अंकित है। पाठ्य-पुस्तक और उत्तर पुस्तिकाएं भी हमेशा कक्षा में उपलब्ध रहेंगी, ताकि छात्र विषय को सही तरीके से समझ सकें और अध्ययन सामग्री की कमी न हो।


प्रधानाध्यापकों को विद्यालय स्तर पर नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान यदि यह पाया जाता है कि ब्लैकबोर्ड के उपयोग में लापरवाही हो रही है, तो संबंधित शिक्षक या विद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम न केवल शिक्षण प्रक्रिया को सुदृढ़ करेगा, बल्कि शिक्षकों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना भी बढ़ाएगा।


साथ ही, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने आकस्मिक अवकाश पंजी के सही संधारण पर भी जोर दिया है। निरीक्षण में यह पाया गया कि कई विद्यालयों में पंजी पूरी तरह अनुपलब्ध है या सही तरीके से संधारित नहीं की जा रही। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक रिकॉर्ड को प्रभावित करती है, बल्कि कर्मचारियों और शिक्षकों के अवकाश प्रबंधन में भी बाधा डालती है।


अब प्रत्येक विद्यालय में आकस्मिक अवकाश पंजी अनिवार्य रूप से रखी जाएगी। शिक्षक और अन्य कर्मी अपने अवकाश आवेदन को नियमानुसार प्रस्तुत करेंगे और इसे पंजी में दर्ज किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी इसकी जांच करेंगे और यदि लापरवाही पाएंगे, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


इन निर्देशों का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ग्रामीण और कम संसाधन वाले विद्यालयों में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को अब ब्लैकबोर्ड के सही उपयोग और आकस्मिक अवकाश पंजी के नियमित संधारण में सतर्क रहना होगा।


इस पहल से छात्रों के लिए बेहतर अध्ययन माहौल बनेगा और विद्यालयों के प्रशासनिक रिकॉर्ड सटीक और व्यवस्थित रहेंगे। शिक्षा विभाग के निरीक्षण और नियंत्रण में सुधार होने से शिक्षण गुणवत्ता और पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई सुनिश्चित करना संभव होगा।


क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक का संदेश स्पष्ट है: शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही नियमों के पालन से ही सुनिश्चित की जा सकती है। ब्लैकबोर्ड का प्रभावी उपयोग और आकस्मिक अवकाश पंजी का सही संधारण इसके दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। इन निर्देशों का पालन करके बिहार के सभी विद्यालय शिक्षा के उच्च मानकों को प्राप्त कर सकते हैं।