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राज्यसभा जाने से पहले बिहार के 6 लाख शिक्षकों को गिफ्ट देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, करोड़ों छात्र-छात्राओं को भी मिलेगी राहत

यह बात भी चर्चा में हैं कि दिल्ली जाने से पहले नीतीश कुमार इस मुद्दे पर बड़ा फैसला ले सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह राज्य के करीब 6 लाख शिक्षकों और 1.70 करोड़ छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 24, 2026, 2:39:33 PM

बिहार न्यूज

आधा कार्यदिवस लागू करने की मांग - फ़ोटो सोशल मीडिया

BIHAR TEACHERS: बिहार के 6 लाख शिक्षक-शिक्षिकाओं और करोड़ों छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलने वाली है। राज्यसभा जाने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को हाफ डे की व्यवस्था बहाल करने जा रही है। इस बात की चर्चा इन दिनों तेज हो गयी है। लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है यह समय ही बताएगा। लेकिन शनिवार को आधा कार्यदिवस लागू करने की मांग बहुत पहले से उठ रही है। 


अब जब इस बात की चर्चा जोरशोर से होने लगी है तब सभी की निगाहें नीतीश कुमार पर टिकी हुई है। वही बिहार विशिष्ट अध्यापक प्रधान शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह से जब इस संबंध में बात की गयी तो उन्होंने कहा कि शनिवार को हाफ डे की छुट्टी का मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संज्ञान में है और पूरा भरोसा है कि नए शैक्षणिक सत्र 2026-2027 से सभी सरकारी स्कूलों में इसे लागू भी किया जाएगा। अब सरकार पर सबकी नजर टिकी हुई है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसे जल्द लागू करें। 


बता दें कि यह व्यवस्था बहुत पहले लागू थी जिसे बाद में हटा लिया गया था। जिसे फिर से लागू किये जाने की बात उठ रही है। यह बात भी चर्चा में हैं कि दिल्ली जाने से पहले नीतीश कुमार इस मुद्दे पर बड़ा फैसला ले सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह राज्य के करीब 6 लाख शिक्षकों और 1.70 करोड़ छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।


दरअसल, पहले बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे की व्यवस्था वर्षों से लागू थी, लेकिन दिसंबर 2023 के बाद इसे पूर्ण कार्यदिवस (फुल डे) में बदल दिया गया। इसके बाद से ही शिक्षक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इसे फिर से लागू करने की मांग उठती रही है।


हाल ही में जदयू एमएलसी संजीव सिंह और अन्य विधान परिषद सदस्यों ने इस मुद्दे को सदन में उठाया। उनका कहना है कि फुल डे व्यवस्था के कारण दूर-दराज के इलाकों में कार्यरत शिक्षकों को घर लौटने में काफी परेशानी होती है। वे अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों को भी ठीक से निभा नहीं पाते। इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने आश्वासन दिया था कि इस प्रस्ताव की समीक्षा के लिए अधिकारियों की एक टीम बनाई जाएगी। समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


वहीं, शिक्षक नेता आनंद कौशल सिंह ने भी शिक्षा विभाग को लिखित सुझाव भेजा है। उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि महीने के पहले और तीसरे शनिवार को पूर्ण अवकाश रखा जाए, जबकि दूसरे और चौथे शनिवार को ‘बैगलेस डे’ के रूप में आधे दिन स्कूल संचालित किए जाएं। उनका मानना है कि इससे बच्चों के मानसिक विकास और पढ़ाई के माहौल में सकारात्मक बदलाव आएगा।


फिलहाल, यह मामला मुख्यमंत्री के विचाराधीन है और उम्मीद की जा रही है कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। यदि हाफ डे व्यवस्था बहाल होती है, तो इससे राज्य के करीब 80 हजार सरकारी स्कूलों के संचालन में भी बदलाव देखने को मिलेगा।