Bihar Road Projects: बिहार को दो बड़े सड़क प्रोजेक्ट का तोहफा, रोड नेटवर्क और आर्थिक विकास के लिए साबित होंगी मील का पत्थर

Bihar Road Projects: बिहार को दो बड़ी सड़क परियोजनाओं का तोहफा मिला। 481 करोड़ की सरमेरा–पचना ग्रीनफील्ड सड़क और एनएच-333ए बरबीघा–शेखपुरा–जमुई–बांका फोर लेन परियोजना पर काम तेज़ी से चल रहा है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 12 Jan 2026 03:08:24 PM IST

Bihar Road Projects

प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar Road Projects: बिहार को दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं का तोहफा मिल रहा है। 481 करोड़ रुपये की सरमेरा–पचना ग्रीनफील्ड सड़क और एनएच-333ए बरबीघा–शेखपुरा–जमुई–बांका फोर लेन परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है।


सरमेरा–पचना सड़क परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि एनएच-333ए फोर लेन परियोजना में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। ये दोनों परियोजनाएं क्षेत्र में आवागमन, व्यापार और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी।


सरमेरा–पचना ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना की लंबाई लगभग 19.27 किलोमीटर होगी और सड़क की चौड़ाई 10 मीटर रखी जाएगी। यह सड़क नालंदा जिले के सरमेरा से शुरू होकर लखीसराय की सीमा पार करते हुए शेखपुरा के भदोस और पचना तक पहुंचेगी। 


पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता देवकांत कुमार ने बताया कि प्यारेपुर मौजा में कृषि और आवासीय भूमि का अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है। प्रभावित रैयतों को नियमानुसार पारदर्शी तरीके से मुआवजा दिया जाएगा। इस सड़क के बन जाने से पटना से लखीसराय, जमुई और देवघर जाने वाले यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा, यात्रा दूरी और समय दोनों में कमी आएगी। साथ ही शेखपुरा नगर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे जाम की समस्या घटेगी।


दूसरी ओर, एनएच-333ए बरबीघा–शेखपुरा–जमुई–(सिकंदरा) बांका फोर लेन परियोजना के तहत चेवाड़ा अंचल के मौजा अंदौली में भू-अर्जन शिविर का आयोजन कर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पथ निर्माण विभाग और भू-अर्जन से जुड़े अधिकारियों ने पात्र लाभुकों को भुगतान करने की तैयारी की है।


एनएच-333ए परियोजना लगभग 190 किलोमीटर लंबी होगी और यह बरबीघा से पंजवारा तक शेखपुरा, जमुई और बांका जिलों के माध्यम से झारखंड से जोड़ेगी। टाउन एरिया में सड़क की चौड़ाई 25 मीटर और खुले क्षेत्रों में 40 मीटर होगी। परियोजना के तहत 11 प्रमुख जंक्शन और कई रेल ओवर ब्रिज (ROB) भी बनाए जाएंगे। ये दोनों परियोजनाएं बिहार के सड़क नेटवर्क और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।