1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 17 Jan 2026 09:41:40 AM IST
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Saraswati Puja Patna : बिहार में सरस्वती पूजा के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को तीन चरणों में सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। उनका जोर है कि आयोजन से पहले, पूजा के दौरान और विसर्जन के समय हर स्तर पर समन्वय, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि यह त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से मनाया जा सके।
तीन फेज में सुरक्षा की सख्त योजना
डीएम और एसएसपी ने साफ कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। आयोजन से पहले प्रशासन संवेदनशील स्थानों की पहचान करेगा, पूजा समितियों को लाइसेंस जारी करेगा और सभी तैयारियों की निगरानी करेगा। पूजा के दौरान भीड़ पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी और जगह-जगह फ्लैक्स-बैनर लगाकर लोगों को चेतावनी दी जाएगी कि हर गतिविधि कैमरे की निगरानी में है। विसर्जन के समय ड्रोन कैमरों की मदद से सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तत्काल खंडन किया जाएगा। गुप्त सूचना तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा और पूर्व की घटनाओं में शामिल रहे असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही क्विक रिस्पांस टीम और क्विक मेडिकल रिस्पॉन्स टीम की तैनाती आपात स्थिति से निपटने के लिए की जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की जा सके।
होटल, लॉज और छात्रावासों पर नजर
सरस्वती पूजा के दौरान शहर के होटल, लॉज और हॉस्टल की नियमित जांच की जाएगी। खासकर छात्रावासों में छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़ वाले त्योहारों में असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई आवश्यक है। बिना लाइसेंस किसी भी पंडाल की स्थापना या विसर्जन जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी, और इसकी जिम्मेदारी संबंधित थानाध्यक्ष की व्यक्तिगत मानी जाएगी।
गंगा को सुरक्षित रखने के लिए कृत्रिम तालाबों में होगा विसर्जन
पटना नगर निगम ने इस बार गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। सरस्वती पूजा में मूर्तियों और पूजन सामग्री का विसर्जन केवल निर्धारित कृत्रिम तालाबों में ही होगा। पाटलिपुत्र अंचल में मिनार घाट, अजीमाबाद अंचल में भद्र घाट और मित्तन घाट, बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट और पटना सिटी अंचल में कंगन घाट व दमराही घाट पर कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान रहेगा।
विशेष सफाई अभियान और पर्यावरण सुरक्षा
विसर्जन के बाद नगर निगम घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाएगा। घाटों की नियमित सफाई, कचरा निष्पादन, लाइटिंग और कपड़े लगाने की जिम्मेदारी तय एजेंसियों को सौंपी गई है। इसके अलावा प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत घाटों पर जागरूकता टीमें तैनात रहेंगी, जो लोगों को पॉलीथिन और प्लास्टिक के उपयोग से बचाने के लिए प्रेरित करेंगी। इस तरह, बिहार प्रशासन और पुलिस मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि सरस्वती पूजा का यह पर्व न केवल धार्मिक भावना के अनुरूप मनाया जाए, बल्कि सुरक्षा, व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी एक मिसाल बने।