ब्रेकिंग
बिहार में जीत के बाद मुंबई पहुंचे प्रशांत किशोर, सुनेत्रा पवार से मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचलबिहार के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब शनिवार को सिर्फ आधे दिन खुलेंगे सरकारी स्कूल, शिक्षा विभाग का आदेश जारी एनिवर्सरी में नहीं आने वालों पर लगाया 500-500 रुपये का जुर्माना, इलाके में पोस्टर लगाकर जारी किया यह फरमानजल्द चालू होने जा रहा बिहार का यह नया एयरपोर्ट, उड़ान में बाधक बने मकान और पेड़ों हटाने की प्रक्रिया तेजहोटल संचालक से 10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, बदमाशों ने की अपहरण की कोशिशबिहार में जीत के बाद मुंबई पहुंचे प्रशांत किशोर, सुनेत्रा पवार से मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचलबिहार के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब शनिवार को सिर्फ आधे दिन खुलेंगे सरकारी स्कूल, शिक्षा विभाग का आदेश जारी एनिवर्सरी में नहीं आने वालों पर लगाया 500-500 रुपये का जुर्माना, इलाके में पोस्टर लगाकर जारी किया यह फरमानजल्द चालू होने जा रहा बिहार का यह नया एयरपोर्ट, उड़ान में बाधक बने मकान और पेड़ों हटाने की प्रक्रिया तेजहोटल संचालक से 10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, बदमाशों ने की अपहरण की कोशिश

Bihar News: बिहार की इन पांच नदियों का होगा अध्ययन, रिपोर्ट के आधार पर होगी बालू की निकासी, जानें....

बिहार सरकार पांच नदियों—सोन, कियूल, फल्गू, मोरहर और चानन—में वर्षा ऋतु के दौरान बालू के जमाव का अध्ययन कराएगी। कैबिनेट ने 2.58 करोड़ की लागत से केंद्रीय माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट को जिम्मा सौंपा है।

बिहार बालू खनन, नीतीश सरकार कैबिनेट फैसला, पांच नदियों का अध्ययन, सोन नदी बालू, बिहार बालू नीति 2025, बिहार खान एवं भूतत्व विभाग, केंद्रीय माइन प्लानिंग
© Google
Viveka Nand
2 मिनट

Bihar News: नीतीश सरकार ने पांच नदियों में वर्षा के मौसम में कितना बालू जमा हुआ, इसका अध्ययन करायेगी. नीतीश कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर आज 17 जून को मुहर लगा दी है. अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर बालू की निकासी की जायेगी.  

बिहार में पांच नदियों का अध्ययन किया जाएगा. सरकार ने सोन,  कियूल, फल्गू,मोरहर,एवं चानन नदी का पुनर्भरण अध्ययन कराने का निर्णय लिया है . इसके लिए केंद्रीय माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट को जिम्मा दिया गया है. इस पर 2 करोड़ 58 लाख 61 हजार 352 रुपए खर्च होंगे. बिहार कैबिनेट ने इसकी स्वीकृति दी है . इससे इन प्रमुख नदियों में वर्षा ऋतु में बालू के निक्षेप (जमा) की जानकारी मिल सकेगी.

खान एवं भूतत्व विभाग के प्रस्ताव में कहा गया है कि इस रिपोर्ट के आधार पर पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला खान सर्वेक्षण प्रतिवेदन के आधार पर बालू की निकासी की जा सकेगी, बता दें, नीतीश कैबिनेट की बैठक में आज 20 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है. इनमें एक प्रस्ताव बालू खनन को लेकर पांच नदियों का अध्ययन कराना भी है. 

रिपोर्टिंग
V

रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता