Patna expressway : बिहार में सात निश्चय-3 के तहत पांच नए एक्सप्रेस-वे निर्माण की योजना, पटना और जिलों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी

Patna expressway : बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत पांच नए एक्सप्रेस-वे निर्माण की योजना को आगे बढ़ाया है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और दो वरिष्ठ इंजीनियरों को महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश भेजा गया

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 09 Jan 2026 09:38:57 AM IST

Patna expressway : बिहार में सात निश्चय-3 के तहत पांच नए एक्सप्रेस-वे निर्माण की योजना, पटना और जिलों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी

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Patna expressway : बिहार में सड़क परिवहन एवं पथ निर्माण के क्षेत्र में राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत पांच नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस योजना को “सात निश्चय-3” के तहत लागू किया जा रहा है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल तथा विभाग के दो वरिष्ठ इंजीनियरों को एक्सप्रेस-वे निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझने और अनुभव प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश भेजा गया है।


इन राज्यों में एक्सप्रेस-वे निर्माण के सफल मॉडल को देखकर बिहार पथ निर्माण विभाग को यह जानकारी मिलेगी कि किस प्रकार से एक्सप्रेस-वे का निर्माण और संचालन किया जा सकता है। सचिव अपनी रिपोर्ट तैयार कर मंत्री को उपलब्ध कराएंगे। इसके आधार पर यह तय होगा कि एक्सप्रेस-वे की फंडिंग कैसे की जाएगी और राज्य सरकार किन क्षेत्रों में अपने स्तर से इसका निर्माण कराएगी।


महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सरकारों ने अपने राज्यों में एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए विशेष कंस्ट्रक्शन अथॉरिटी का गठन किया है। बिहार पथ निर्माण विभाग भी इस तरह की अथॉरिटी बनाने की योजना पर विचार कर रहा है। इस अथॉरिटी के माध्यम से एक्सप्रेस-वे निर्माण की प्रक्रियाओं को तेज़ी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा सकेगा।


पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण इस तरह से किया जाएगा कि एक जिले को कई जिलों से जोड़ने की सुविधा मिले। साथ ही, संबंधित इलाके से पटना तक पहुंचने में समय की बचत हो और बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की जरूरत कम से कम हो। इसका उद्देश्य विकासशील क्षेत्रों को राजधानी पटना और अन्य बड़े शहरों से कुशल संपर्क प्रदान करना है।


राज्य सरकार की योजना के अलावा, केंद्र सरकार भी बिहार में चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही है। इनमें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे शामिल है, जिसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक्सप्रेस-वे का नंबर आवंटित कर दिया है। इसके अलावा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे को केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है, और इसका बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजर रहा है।


एक और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे है, जो बिहार के साथ-साथ नेपाल को भी पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह से जोड़ता है। इस मार्ग से बिहार और पड़ोसी देशों के बीच वाणिज्यिक संपर्क मजबूत होगा। चौथा एक्सप्रेस-वे वाराणसी-रांची-कोलकाता मार्ग का है। हालांकि, लंबे समय तक बिहार में इसका निर्माण जमीन अधिग्रहण की वजह से रुका हुआ था, लेकिन अब इस परियोजना पर काम फिर से शुरू कर दिया गया है।


एक्सप्रेस-वे के निर्माण से न केवल राज्य में आवागमन का समय कम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। पथ निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि नए एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के संचालन से राज्य की अर्थव्यवस्था में नई गति आएगी और व्यवसायिक निवेश आकर्षित होंगे।


इस पहल के साथ ही बिहार देश के उन राज्यों की कतार में शामिल होगा, जहां हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क का निर्माण तेजी से हो रहा है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस वर्ष एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर विस्तृत योजना और बजट तैयार किया जाएगा, ताकि सात निश्चय-3 के तहत सड़क परिवहन का यह सपना जल्द साकार हो सके।