1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 11 Jan 2026 11:01:23 AM IST
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Bihar roads : बिहार में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच नीतीश कुमार सरकार अब एक नई और सख्त रोड मेंटेनेंस पॉलिसी लाने जा रही है। इस पॉलिसी का मकसद राज्य की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाना और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करना है। इसके तहत आम लोगों की भागीदारी से सड़कों पर गड्ढों की पहचान की जाएगी और शिकायत करने वाले को 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
राज्य के पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने शनिवार को इस नई पॉलिसी की जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में सड़क पर गड्ढों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने रोड मेंटेनेंस की नई पॉलिसी तैयार की है, जिसे 15 फरवरी के बाद पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि इस पॉलिसी के लागू होने के बाद बिहार में कहीं भी सड़क पर गड्ढा नहीं बचेगा।
दिलीप जायसवाल ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत राज्यभर में ‘रोड एंबुलेंस’ तैनात की जाएंगी। इन रोड एंबुलेंस का संपर्क नंबर सभी प्रमुख चौक-चौराहों, सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा। आम नागरिक यदि किसी सड़क पर गड्ढा देखते हैं तो वे इस नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग को 72 घंटे के भीतर उस गड्ढे की मरम्मत करानी अनिवार्य होगी।
इस पॉलिसी की सबसे खास बात ‘सड़क पर गड्ढा बताओ, 5000 रुपये पाओ’ योजना है। मंत्री ने कहा कि देश में यह अपनी तरह की पहली पॉलिसी होगी, जिसमें आम लोगों को गड्ढों की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे ठेकेदारों और विभागीय इंजीनियरों के बीच जवाबदेही तय होगी। अगर कहीं सड़क पर गड्ढा पाया गया तो संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिलीप जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अब लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने हाल ही में शिवहर जिले के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत दो अन्य अधिकारियों के निलंबन का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क निर्माण और रखरखाव में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जब वे भूमि राजस्व मंत्री थे, उस दौरान भी 136 पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी।
मंत्री ने कहा कि नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के जरिए न सिर्फ सड़कों की गुणवत्ता सुधारी जाएगी, बल्कि समय पर मरम्मत सुनिश्चित कर दुर्घटनाओं को भी रोका जाएगा। खराब सड़कों के कारण होने वाले सड़क हादसों में कमी लाना सरकार की प्राथमिकता है।
इसके साथ ही दिलीप जायसवाल ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में मजदूरों को अधिक रोजगार कैसे मिले, इस पर सरकार विचार कर रही है। सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े कार्यों में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि भविष्य में बिहार में पांच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। इन एक्सप्रेसवे के निर्माण से न सिर्फ राज्य की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार की सड़कें देश की बेहतरीन सड़कों में गिनी जाएं।
कुल मिलाकर, नीतीश सरकार की यह नई पॉलिसी सड़कों की स्थिति सुधारने, प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और आम जनता की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यदि यह योजना जमीन पर सही तरीके से लागू होती है, तो बिहार की सड़कों की तस्वीर आने वाले समय में पूरी तरह बदल सकती है।