Bihar Politics : कुशवाहा की जगह फिक्स ! राज्यसभा को लेकर BJP ने बनाई ख़ास रणनीति, NDA के नए फॉर्मूला से 5 वीं सीट पर भी जीत तय ! जानिए क्या है ख़ास

बिहार राज्यसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा को NDA का चौथा उम्मीदवार बनाया गया है। 243 विधायकों के बीच होने वाले चुनाव में 41 वोट से जीत तय होगी। जानिए पूरा राजनीतिक समीकरण।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 08, 2026, 7:59:52 AM

Bihar Politics : कुशवाहा की जगह फिक्स ! राज्यसभा को लेकर BJP ने बनाई ख़ास रणनीति, NDA के नए फॉर्मूला से 5 वीं सीट पर भी जीत तय ! जानिए क्या है ख़ास

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Bihar Politics : बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय लोकमोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की सक्रियता बीते दिन काफी चर्चा में रही। राजनीतिक गलियारों में दिनभर बैठकों और मुलाकातों का दौर चलता रहा। इस दौरान बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुलाकात की हो रही है, वह उपेंद्र कुशवाहा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई बातचीत को लेकर है।


जानकारी के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा ने पहले जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह से मुलाकात की और उसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी लंबी बातचीत की। इन बैठकों के बाद यह साफ संकेत मिलने लगे कि राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए के भीतर कोई बड़ा रणनीतिक फैसला लिया गया है। अब इस मुलाकात के पीछे की असली वजह भी सामने आने लगी है।


सूत्रों के अनुसार, उपेंद्र कुशवाहा अपने राज्यसभा जाने को लेकर काफी चिंतित थे। आरएलएम के टिकट पर उन्होंने नामांकन तो दाखिल कर दिया था, लेकिन जीत को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। ऐसे में पर्दे के पीछे से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा राजनीतिक समीकरण तैयार किया है। बताया जा रहा है कि एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से चौथे उम्मीदवार के तौर पर समर्थन देने का फैसला किया है।


यानी भले ही उपेंद्र कुशवाहा ने आरएलएम के उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया हो, लेकिन एनडीए के समर्थन के बाद उनका राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। इस फैसले के बाद कुशवाहा ने भी राहत की सांस ली है और एनडीए के भीतर उनकी स्थिति और मजबूत होती दिख रही है।


दरअसल, बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं और इन सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। यही वजह है कि इस बार चुनाव दिलचस्प हो गया है और मतदान होना तय है। पांचवीं सीट को लेकर स्थिति थोड़ी जटिल बनी हुई है, क्योंकि इस सीट के लिए न तो एनडीए के पास पर्याप्त विधायक हैं और न ही महागठबंधन के पास। ऐसे में भाजपा ने अपने प्रदेश महामंत्री शिवेश राम को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है।


आरएलएम के एक वरिष्ठ नेता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उपेंद्र कुशवाहा की जीत में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने कहा कि कुशवाहा एनडीए के चौथे उम्मीदवार हैं और उनकी जीत लगभग तय है। उन्होंने यह भी बताया कि अगले एक-दो दिनों में उन विधायकों की पूरी सूची जारी कर दी जाएगी जो उन्हें समर्थन देने वाले हैं। हालांकि भाजपा उम्मीदवार शिवेश राम ने इस संबंध में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।


राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया को समझें तो यह स्पष्ट होता है कि यहां नंबर-1 या नंबर-2 जैसी कोई सीधी स्थिति नहीं होती। बिहार विधानसभा के कुल 243 विधायक मतदान करेंगे। हर विधायक को बैलेट पेपर पर अपनी पहली और दूसरी प्राथमिकता लिखनी होती है।


राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को कम से कम 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। यह संख्या चुनाव आयोग के ड्रॉप कोटा फॉर्मूले के आधार पर तय होती है। इस फॉर्मूले के अनुसार कुल वैध वोटों को सीटों की संख्या में एक जोड़कर विभाजित किया जाता है।


243 विधायकों और 5 सीटों के हिसाब से कोटा लगभग 40.5 आता है, जिसे बढ़ाकर 41 माना जाता है। यानी एक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 वोट चाहिए। इस तरह पांचों सीट जीतने के लिए कुल 205 वोटों की जरूरत होती है।


वर्तमान स्थिति में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं। इस हिसाब से एनडीए चार सीटें आसानी से जीत सकता है, क्योंकि चार सीटों के लिए उसे 164 वोट चाहिए। इसके बाद उसके पास 38 वोट बचेंगे। पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे कम से कम तीन और विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।


इसी वजह से एनडीए पांचवीं सीट को लेकर रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव को पारदर्शी बनाने और क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए एनडीए अपने विधायकों के लिए स्पष्ट सूची जारी करने की तैयारी कर रहा है।इस सूची में यह बताया जाएगा कि जदयू के कौन-कौन विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर को वोट देंगे। वहीं भाजपा के कौन विधायक नितिन नवीन और उपेंद्र कुशवाहा के पक्ष में मतदान करेंगे।


इसके अलावा भाजपा और जदयू के बचे हुए विधायकों के साथ लोजपा (रामविलास) और हम पार्टी के विधायकों को पांचवें उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने के लिए कहा जाएगा। बताया जा रहा है कि यह सूची जारी होने के बाद चार सीटों पर जीत लगभग तय हो जाएगी और वहां मतदान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। बिहार में राज्यसभा की इन पांच सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होना है, जिस पर पूरे राज्य की राजनीति की नजरें टिकी हुई हैं।