ब्रेकिंग
झारखंड विधानसभा घेराव मामले में एक्शन, 100 नामजद समेत 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्जपटना में दिव्यांग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, 400 रुपये के विवाद में ले ली जानBihar News : बिहार में पुलिस के हथियारों पर बड़ा फैसला! अब भीड़ के बीच नहीं दिखेगी AK-47, जानिए क्या है नया नियमरोशन आनंद की गिरफ्तारी पर बड़ा मोड़! NHRC ने पटना SSP को चेताया, 3 सितंबर तक मांगा जवाबBihar STET 2026 : बिहार में शिक्षक बनने का मौका, 17 अगस्त से खुलेगा STET का फॉर्म; आवेदन से पहले ये बातें जान लेंझारखंड विधानसभा घेराव मामले में एक्शन, 100 नामजद समेत 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्जपटना में दिव्यांग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, 400 रुपये के विवाद में ले ली जानBihar News : बिहार में पुलिस के हथियारों पर बड़ा फैसला! अब भीड़ के बीच नहीं दिखेगी AK-47, जानिए क्या है नया नियमरोशन आनंद की गिरफ्तारी पर बड़ा मोड़! NHRC ने पटना SSP को चेताया, 3 सितंबर तक मांगा जवाबBihar STET 2026 : बिहार में शिक्षक बनने का मौका, 17 अगस्त से खुलेगा STET का फॉर्म; आवेदन से पहले ये बातें जान लें

Bihar Politics : सम्राट चौधरी की ‘सीक्रेट मीटिंग’ से बिहार में मची हलचल, भाई वीरेंद्र बोले- ‘कहीं ना कहीं खिचड़ी पक रही है’

Bihar Politics: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट बैठक के बाद बीजेपी मंत्रियों संग अलग मीटिंग ने बिहार की सियासत गरमा दी है। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा- ‘कहीं ना कहीं कुछ खिचड़ी पक रही है’, सब कुछ ठीक नहीं है।

Bihar Politics : सम्राट चौधरी की ‘सीक्रेट मीटिंग’ से बिहार में मची हलचल, भाई वीरेंद्र बोले- ‘कहीं ना कहीं खिचड़ी पक रही है’
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बैठकों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक खत्म होने के बाद बीजेपी के मंत्रियों के साथ हुई अलग बैठक ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह रही कि इस बैठक में एनडीए के अन्य घटक दलों के मंत्रियों को शामिल नहीं किया गया। अब इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री की इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे सामान्य बैठक मानने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इस बैठक के पीछे कोई बड़ी राजनीतिक वजह हो सकती है और आने वाले दिनों में इसके परिणाम सामने आ सकते हैं।

‘कहीं ना कहीं कुछ गुल जरूर खिलेगा’

भाई वीरेंद्र ने कहा कि उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस बैठक के बाद कहीं ना कहीं कुछ गुल जरूर खिलेगा। उनके मुताबिक, मंत्रिमंडल में शामिल दूसरे मंत्री भी जानना चाहते होंगे कि आखिर बीजेपी के मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री की अलग से बैठक में क्या चर्चा हुई।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बैठक पूरी तरह सामान्य या रूटीन थी, तो उसमें केवल बीजेपी कोटे के मंत्रियों को ही क्यों बुलाया गया? एनडीए के दूसरे सहयोगी दलों के मंत्रियों को इस बैठक से बाहर रखने की वजह क्या थी?

भाई वीरेंद्र ने कहा कि एनडीए में शामिल अन्य दल भी यह जानना चाहेंगे कि मुख्यमंत्री और बीजेपी के मंत्रियों के बीच आखिर किन मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने संकेत दिया कि इस बैठक को महज सामान्य प्रशासनिक कवायद बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

‘ऑल इज वेल’ कहना मुश्किल

आरजेडी विधायक ने कहा कि अगर सरकार में सब कुछ सामान्य चल रहा होता तो मुख्यमंत्री सभी मंत्रियों के साथ बैठक करते। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दल अपने-अपने मंत्रियों के साथ बैठक करें, यह अपने आप में सवाल खड़े करता है।

भाई वीरेंद्र के मुताबिक, जनता यह जानना चाहती है कि यह बैठक बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई थी, बीजेपी के संगठनात्मक हितों को लेकर हुई थी या फिर किसी राजनीतिक एजेंडे पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।

उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह कहना मुश्किल है कि बिहार की सत्ता में सब कुछ ‘ऑल इज वेल’ है। उनके बयान से साफ है कि विपक्ष इस बैठक को लेकर सरकार की अंदरूनी राजनीति पर सवाल उठाने की तैयारी में है।

‘कहीं ना कहीं खिचड़ी पक रही है’

भाई वीरेंद्र ने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि कहीं ना कहीं कोई ‘खिचड़ी पक रही है’। उन्होंने नीतीश कुमार के आसपास की राजनीतिक गतिविधियों का भी जिक्र किया और कहा कि उनके आसपास रहने वाले लोग उनसे क्या-क्या करवाते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है।

हालांकि, उनके बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वह किस संभावित राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन उनके बयान के बाद बिहार की सियासत में इस बैठक को लेकर अटकलों का दौर जरूर तेज हो गया है।

विपक्ष को एनडीए के अंदरूनी विवाद से कितना फायदा?

जब भाई वीरेंद्र से एनडीए में संभावित टूट या अंदरूनी मतभेदों से विपक्ष को होने वाले फायदे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि विपक्ष को किसी के टूटने या बिगड़ने से फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना था कि उनकी पार्टी अपने मेहनत के बल पर काम करती है और जनता के बीच अपने मुद्दों को लेकर जाएगी।

राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि बीजेपी के मंत्रियों के साथ हुई मुख्यमंत्री की इस बैठक के बाद कोई बड़ा राजनीतिक या संगठनात्मक फैसला सामने आता है या नहीं। फिलहाल बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन विपक्ष के बयान ने इस मुद्दे को बिहार की सियासत में चर्चा का नया विषय जरूर बना दिया है।

बिहार की राजनीति में सत्ता पक्ष के भीतर होने वाली हर अहम बैठक का अपना राजनीतिक महत्व होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री और बीजेपी मंत्रियों की यह बैठक आने वाले दिनों में क्या रंग दिखाती है, इस पर अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर बनी हुई है।