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Bihar News: ..तो 'निशांत' के बहाने अपनी राजनीति चमकाने में जुटे हैं JDU के कई नेता ? बेचैनी में है पार्टी का एक वर्ग...मुद्दा गरम रखना चाहता है

बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जेडीयू के भीतर एक वर्ग उन्हें उत्तराधिकारी बनाने के लिए बेचैन है, जबकि नेतृत्व साफ कर चुका है कि फैसला सिर्फ नीतीश कुमार को लेना है।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jan 23, 2026, 12:36:16 PM

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Bihar News: बिहार की सियासत में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. वे राजनीति में कदम रखेंगे या नहीं ? इस पर बयानबाजी जारी है. नेतृत्व कई बार साफ कर चुका है कि निशांत कुमार के राजनीति में आने या न आने देने का फैसला खुद नीतीश कुमार को लेना है. बावजूद इसके, जेडीयू के अंदर, बार-बार यह चर्चा छेड़ी जा रही है. निशांत को राजनीति में आने को लेकर पार्टी से जुड़े कई नेता ज्यादा बेचैनी में हैं. इसकी वजह खास है. दरअसल, निशांत का नाम लेकर जनता दल यूनाइटेड के कुछ नेता अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं. 

बेचैनी में है जेडीयू का एक वर्ग 

नीतीश कुमार के पुत्र निशांत को उत्तराधिकारी बनाने के लिए जेडीयू के कई नेता बेचैन हैं. बेचैनी का आलम ऐसा कि दो-चार दिनों पर ही राग अलापना शुरू कर रहे. राजधानी की सड़कों पर बैनर-पोस्टर लगा रहे, प्रदेश कार्यालय के मुख्य द्वार पर निशांत का बैनर-होर्डिंग लगाकर पार्टी की कमान संभालने की गुजारिश की जा रही. इसके माध्यम से नेतृत्व पर दबाव बनाया जा रहा है. बताया जाता है कि निशांत के चेहरे के बहाने दल से जुड़े कई नेता अपनी दुकानदारी चला रहे. निशांत के बहाने नेतृत्व के करीब आना चाहते हैं. यह मुद्दा बुझे नहीं, लिहाजा 2-4 दिनों पर मीडिया को मसाला भी मुहैया करा रहे, ताकि निशांत की जेडीयू में इंट्री का इश्यू जिंदा रहे.

निशांत पर फैसला नीतीश कुमार को लेना है,बाकि का कोई मतलब नहीं

निशांत कुमार को जेडीयू का कमान संभालने को लकर 2-3 साालों से जबरदस्त अभियान चल रहा है. यह अभियान पार्टी के ही एक वर्ग के द्वारा चलाई जा रही है. हालांकि जेडीयू के कई बड़े नेता भी कह चुके हैं, अगर निशांत पार्टी में आते हैं तो स्वागत है. लेकिन फैसला उनको और नेता नीतीश कुमार को लेना है. हाल ही में जेडीयू में नंबर-2 के नेता व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं. निशांत कुमार के राजनीति में आने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह का स्पष्ट बयान सामने आया. उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मीडिया द्वारा गढ़ी गई नकारात्मक चर्चा बताया है। ललन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि निशांत कुमार के राजनीति में आने या न आने का फैसला कोई और नहीं, बल्कि खुद नीतीश कुमार ही करेंगे। उनके अनुसार, नीतीश कुमार पार्टी के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हैं और ऐसे किसी भी विषय पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उन्हीं के पास है।

हमने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया,लालू ने सिर्फ परिवार का ही विकास किया- नीतीश 

बिहार के मुख्यमंत्री व जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान हर मंच से यह बात कहते थे, ''हमने शुरुआत से ही समाज के सभी तबकों का विकास किया है. फिर चाहे मुस्लिम, पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्ग, अपर कास्‍ट ही क्‍यों न हो. हमने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया. पूरा ध्‍यान बिहार के लोगों पर रहा. जबकि दूसरे लोगों (लालू यादव) ने बिहार के लोगों के लिए कुछ नहीं किया, सिर्फ पत्नी,बेटा,बेटी को आगे बढ़ाया.  

नीतीश कुमार सबसे बड़े समाजवादी- मोदी 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सबसे बड़ा समाजवादी बताया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने इंटरव्यू में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की थी. तब पीएम ने नीतीश कुमार को असली समाजवादी बताया था . उन्होंने कहा था कि उनके साथ राजनीति में कहीं परिवार नहीं दिखता है. पीएम मोदी परिवारवाद पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे. इसी दौरान उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी एक समाजवादी नेता हैं. इनके परिवार कभी राजनीतिक मंचों पर नहीं देखे गए. सीएम नीतीश के परिवार के कोई सदस्य राजनीति में नहीं है. इस दौरान उन्होंने समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया और जॉर्ज फर्नांडीस का जिक्र करते हुए कहा कि क्या इन्होंने कभी अपने परिवार को बढ़ावा दिया ?

जहां परिवारवाद शुरू हो जाए वहां समाजवाद खत्म हो जाता है- नीतीश

प्रधानमंत्री मोदी ने जब नीतीश कुमार को सबसे बड़ा समाजवादी बताया था, तब नीतीश कुमार की भी प्रतिक्रिया आई थी. नीतीश कुमार से जब मीडिया ने उस वाक्ये से जुड़ा सवाल किया जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें सबसे बड़ा समाजवादी बताया था तो सीएम नीतीश इस पर खुलकर बोले. उन्होंने कहा कि पीएम ने कुछ देखा तभी तो ऐसा कहा. नीतीश कुमार ने इस सवाल का जवाब देते हुए इशारे ही इशारे में विपक्षी दल को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि जहां परिवारवाद शुरू हो जाए वहां समाजवाद खत्म हो जाता है. 

ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर अपने बेटे को राजनीति में लाते हैं, इनके समाजवादी चेहरे को बड़ा झटका लगेगा. जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ऐसा होने नहीं देंगे. वे अपने चेहरे को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं.