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Bihar political news : चिराग पासवान के दही-चूड़ा भोज में शामिल हुए नीतीश कुमार, मकर संक्रांति पर एनडीए की एकजुटता का संदेश

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज का सियासी रंग एक बार फिर देखने को मिला। पटना में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के यहां आयोजित दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिससे राजनीतिक

Bihar political news : चिराग पासवान के दही-चूड़ा भोज में शामिल हुए नीतीश कुमार, मकर संक्रांति पर एनडीए की एकजुटता का संदेश
Tejpratap
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Bihar political news : बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज की परंपरा एक बार फिर सियासी रंग में नजर आई। इसी क्रम में गुरुवार को पटना में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम ने खासा राजनीतिक महत्व हासिल कर लिया। इस आयोजन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने बिहार की सियासत में एकजुटता और आगामी रणनीतियों के संकेत दिए।


मकर संक्रांति के अवसर पर लोजपा (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं शामिल हुए। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कार्यक्रम का राजनीतिक कद और बढ़ गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला, जिसने एनडीए के भीतर समन्वय और आपसी तालमेल का संदेश दिया।


कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लोजपा संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। नीतीश कुमार ने रामविलास पासवान के राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक न्याय और दलित राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास पासवान का संघर्ष और उनकी राजनीतिक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।


दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में एनडीए के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने पारंपरिक अंदाज में दही-चूड़ा का आनंद लिया और एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। राजनीतिक गलियारों में इस भोज को केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।


चिराग पासवान ने इस अवसर पर कहा कि मकर संक्रांति का पर्व आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि एनडीए परिवार पूरी मजबूती के साथ बिहार के विकास के लिए एकजुट है और आने वाले समय में जनता के विश्वास पर खरा उतरने का काम करेगा। चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभव और मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार ने विकास के कई नए आयाम छुए हैं।


वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस आयोजन को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दही-चूड़ा भोज बिहार की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है, जो समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार का लक्ष्य बिहार के हर तबके तक विकास पहुंचाना है और इसके लिए सभी सहयोगी दल मिलकर काम कर रहे हैं।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों के जरिए एनडीए अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास कर रहा है। खासकर ऐसे समय में जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं, दही-चूड़ा भोज जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से गठबंधन की मजबूती का प्रदर्शन किया जा रहा है।


कुल मिलाकर, पटना में आयोजित चिराग पासवान के दही-चूड़ा भोज ने न केवल मकर संक्रांति की परंपरा को जीवंत रखा, बल्कि बिहार की सियासत में एनडीए की एकजुटता और आपसी समन्वय का स्पष्ट संदेश भी दिया। आने वाले दिनों में ऐसे राजनीतिक-सामाजिक आयोजनों के जरिए बिहार की राजनीति और भी सक्रिय होती नजर आ सकती है।