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Bihar News : गैस नहीं तो अब मिलेगा कोयला! बिहार सरकार की नई तैयारी से लाखों परिवारों को राहत

बिहार सरकार एलपीजी संकट के बीच पीडीएस दुकानों के जरिए कोयला उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा राहत का विकल्प।

Bihar News :  गैस नहीं तो अब मिलेगा कोयला! बिहार सरकार की नई तैयारी से लाखों परिवारों को राहत
Tejpratap
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Bihar News : बिहार में घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी की अनियमित आपूर्ति से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए राज्य सरकार अब एक नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस नेटवर्क के जरिए आम लोगों तक कोयला पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराना है, ताकि गैस की कमी की स्थिति में उन्हें खाना बनाने में परेशानी न हो।


इस संबंध में खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पीडीएस दुकानों के माध्यम से कोयले की आपूर्ति की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद विभागीय स्तर पर इस योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभागीय मंत्री प्रमोद कुमार ने भी इस प्रस्ताव की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार आम उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए जल्द ठोस व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है।


सूत्रों के मुताबिक सरकार का मानना है कि एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित उपलब्धता का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ रहा है। कई इलाकों में समय पर गैस नहीं मिलने के कारण लोगों को खाना बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने पीडीएस दुकानों के विशाल नेटवर्क का उपयोग करते हुए लोगों तक कोयला पहुंचाने की रणनीति तैयार की है।


योजना के तहत प्रत्येक जिले में थोक कोयला विक्रेताओं का चयन किया जाएगा। ये विक्रेता पीडीएस दुकानदारों को कोयले की आपूर्ति करेंगे और फिर पीडीएस दुकानों के माध्यम से आम उपभोक्ताओं तक कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे गांवों के साथ-साथ शहरों के गरीब परिवारों को भी राहत मिलेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां एलपीजी की आपूर्ति लगातार प्रभावित हो रही है।


खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से इस मामले में निदेशक, खान तथा बीएसएमसीएल के महाप्रबंधक को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि थोक विक्रेताओं के चयन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि योजना को जल्द लागू किया जा सके। विभाग इस पूरी व्यवस्था की निगरानी भी करेगा ताकि वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की गड़बड़ी या बाधा उत्पन्न न हो।


सरकार का मानना है कि पीडीएस के जरिए कोयला उपलब्ध कराने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ईंधन आसानी से मिल सकेगा और उन्हें बाजार में अधिक कीमत चुकाने की मजबूरी से भी राहत मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में अब भी बड़ी संख्या में परिवार पारंपरिक ईंधन पर निर्भर हैं। ऐसे में पीडीएस दुकानों से कोयले की उपलब्धता उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।


विभाग फिलहाल योजना की रूपरेखा, आपूर्ति तंत्र और वितरण प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। संभावना जताई जा रही है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से कोयला वितरण शुरू किया जाएगा। यदि यह व्यवस्था सफल होती है तो एलपीजी संकट के दौरान लोगों को राहत देने में यह योजना अहम भूमिका निभा सकती है।