1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 30, 2025, 8:34:41 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार की राजनीति में जदयू और राजद के बीच तनातनी अब अपने चरम पर पहुंच गई है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने रविवार को फुलवारीशरीफ में एक कार्यक्रम में दावा किया है कि अगली एनडीए सरकार बनने पर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की फुलवारीशरीफ में स्थित छह एकड़ जमीन जब्त की जाएगी। इस जमीन पर सरकारी खर्चे से भूमिहीनों के लिए घर बनाए जाएंगे।
नीरज ने लालू परिवार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए काफी कुछ कहा, विशेष रूप से 2004-2009 के बीच रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले का उन्होंने जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि लालू ने अपने शासनकाल में केवल धन अर्जन पर ध्यान दिया, न कि जनकल्याण पर और उनकी जमीन का उपयोग उन गरीब वर्गों के लिए होगा जिनके नाम पर राजद ने 15 साल तक सत्ता चलाई है।
इसके जवाब में राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि नवंबर 2025 के बाद बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नई सरकार बनेगी, जो एनडीए के भ्रष्टाचार की जांच करेगी। उन्होंने जदयू के दावों को बेबुनियाद और सियासी स्टंट करार दिया है। गगन ने यह भी कहा कि लालू परिवार के खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं, चुनावी मौसम में केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर लालू को निशाना बनाया जा रहा है।
यह विवाद लालू परिवार के खिलाफ चल रहे नौकरी के बदले जमीन घोटाले की जांच से और भी गहरा गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने लालू, राबड़ी देवी, तेजस्वी, तेज प्रताप, मीसा भारती और हेमा यादव से इस मामले में पूछताछ की थी। ED के अनुसार 2004-2009 में रेल मंत्री रहते हुए लालू ने ग्रुप-डी नौकरियों के बदले सस्ते दामों में जमीन अपने परिवार के नाम कराई थी। बिहार की सियासत में यह मुद्दा विधानसभा चुनाव से पहले और गरमा सकता है, क्योंकि राजद ने इसे सत्ता परिवर्तन की साजिश करार दिया है, जबकि जदयू और बीजेपी इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रहे हैं।