Bihar News: पटना में इन 2 जगहों पर बनेंगे मदर स्टेशन, CNG की किल्लत से मिलेगा छुटकारा

Bihar News: पटना में GAIL द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर और गर्दनीबाग में CNG-PNG मदर स्टेशन बनाए जा रहे हैं। गर्दनीबाग स्टेशन मार्च 2025 तक हो जाएगा चालू, मिलेगा 50 हजार किग्रा का अतिरिक्त सप्लाई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 16, 2025, 9:52:00 AM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: पटना में CNG और PNG की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए GAIL (India) Limited ने ट्रांसपोर्ट नगर और गर्दनीबाग में दो नए मदर स्टेशन बनाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है। इन स्टेशनों के चालू होने से ऑफलाइन CNG पंपों पर टैंकरों की देरी से होने वाली गैस की किल्लत की समस्या खत्म हो जाएगी। वर्तमान में पटना और आसपास के क्षेत्रों में 34 CNG पंपों के जरिए हर दिन 1.25 लाख किलोग्राम CNG की आपूर्ति हो रही है, जिसमें 60,000 से ज्यादा लोग शामिल हैं। नए मदर स्टेशनों के शुरू होने से प्रतिदिन 50,000 किलोग्राम अतिरिक्त CNG और PNG की आपूर्ति संभव होगी। जिससे बिहटा, मनेर, फुलवारीशरीफ और दानापुर जैसे क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता में सुधार होगा।


गर्दनीबाग में बन रहा मदर स्टेशन अपने अंतिम चरण में है और इसके मार्च 2025 तक चालू होने की संभावना है। यह स्टेशन रोजाना 15,000 किलोग्राम गैस की आपूर्ति करेगा। जिससे गर्दनीबाग, चितकोहरा, अनिसाबाद, बेऊर और पुलिस कॉलोनी जैसे इलाकों की लगभग 50,000 आबादी को लाभ मिलेगा। इसके लिए भवन निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल चुका है और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से अंतिम NOC की प्रक्रिया चल रही है। ट्रांसपोर्ट नगर का स्टेशन अक्टूबर 2025 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिसकी क्षमता 35,000 किलोग्राम प्रतिदिन होगी। इस स्टेशन के लिए GAIL ने BSNL से 12 कट्ठा जमीन 10 साल की लीज पर ली है, जिसके लिए 2.50 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया गया है।


पटना में ऑनलाइन CNG पंप (बेली रोड और सगुना मोड़) पर पाइपलाइन के जरिए निर्बाध आपूर्ति हो रही है लेकिन इन पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। वहीं, ऑफलाइन पंपों पर टैंकरों के जाम में फंसने या देरी से पहुंचने के कारण रोजाना 3-5 घंटे गैस की कमी की शिकायतें आती हैं। GAIL के महाप्रबंधक एके सिन्हा ने बताया कि नए मदर स्टेशनों से ऑफलाइन पंपों को समय पर गैस मिलेगी, जिससे कतारें और जाम की समस्या कम होगी। वर्तमान में 34 पंप से आपूर्ति हो रही है और मार्च 2025 तक रुकनपुरा, बख्तियारपुर और पंडारक में तीन नए पंप और शुरू होंगे।