Bihar News: बड़े खेल के मास्टमाइंड RWD 'कार्यपालक अभियंता' कब होंगे सस्पेंड ? अभियंता प्रमुख का जवाब- आप ऊपर में पूछिए, E.E. ने ठेकेदार को दिया था फर्जी 'मास्टिक वर्क' सर्टिफिकेट

Bihar News: लखीसराय में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता पर ठेकेदार को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने का गंभीर आरोप। पथ निर्माण विभाग ने पत्र लिखा, लेकिन एक महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Fri, 09 Jan 2026 01:02:02 PM IST

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Bihar News:  ग्रामीण कार्य विभाग के एक कार्यपालक अभियंता ने बड़ा खेल किया. एक ठेकेदार के लिए नौकरी दांव पर लगा दिया. ठेकेदार के प्रति इतनी हमदर्दी क्यों रही होगी..? इसे समझा जा सकता है. पथ निर्माण विभाग ने इस खेल को पकड़ लिया है. कार्रवाई को लेकर पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख को पत्र लिखा. कार्रवाई से संबधित पत्र लिखे एक महीने से अधिक हो गए. अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।  पूछने पर ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख ने कहा कि कार्रवाई मैं नहीं करता, पत्र मेरे पास आया तो हमने उसे ऊपर में भेज दिया. आप ऊपर में पूूछिए. 

कार्यपालक अभियंता पर क्या एक्शन हुआ? जवाब- आप ऊपर में पूछिए

पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने 4 दिसंबर 2025 को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख को पत्र लिखा.जिसमें लखीसराय ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया. पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने एक ठेकेदार डी.के ब्रदर्स ट्रेड con. को 4 अप्रैल 2025, 16 जनवरी 2025 के अलावे 2022 में भी अलग-अलग प्रकार का अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है. 7 जुलाई 2025 को इन पत्रों का सत्यापन किए जाने के बाद जारी किए  गए अनुभव प्रमाण पत्र भिन्न पाया गया है . ऐसे में आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई कर, हमें जानकारी दें. पत्र लिखे हुए एक महीना से अधिक का वक्त गुजर गया. अब तक क्या कार्रवाई हुई. इस संबंध में पथ निर्माण विभाग को भी कोई जानकारी नहीं है. ग्रामीण कार्य विभाग के जिस अभियंता प्रमुख को कार्रवाई से संबंधिक पत्र लिखा गया था, उनसे जब पूछा गया तो उनके पास कोई जानकारी नहीं है. 1st Bihar/Jharkhand ने जब संबंधित अभियंता प्रमुख से पूछा तो उन्होंने कहा कि पत्र मेरे पास जरूर आया, लेकिन कार्रवाई वो नहीं करते हैं. इसके लिए अलग विंग बना हुआ है. हमने उक्त पत्र को ऊपर में भेज दिया है. आप इस संबंध में ऊपर में पूछिए, वहीं से कार्रवाई से संबंधित जानकारी मिलेगी. 

17 नवंबर को अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में हुई थी बैठक

बता दें, पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में 17 नवंबर को बैठक हुई थी. बैठक में पथ प्रमंडल लखीसराय के अंतर्गत एक सड़क की पुनर्निविदा की तकनीकी बीड़ को लेकर एक परिवाद प्राप्त हुआ था. जिसके बाद यह बैठक की गई . बैठक में एक ठेकेदार डी.के. ब्रदर्स ट्रेड con द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र की जांच की गई. ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता (लखीसराय) के द्वारा 7 जुलाई 2025 एवं 28 अगस्त 2025 द्वारा भिन्न-भिन्न अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं. इसके लिए कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियंता प्रमुख ग्रामीण कार्य विभाग को भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया था.

निविदा के दौरान ठेकेदार-इंजीनियर गठजोड़ की खुली पोल

दरअसल, लखीसराय जिले में पथ निर्माण विभाग द्वारा निर्माण किए जाने वाली एक सड़क के लिए तीन ठेकेदारों ने निविदा डाला था. उसमें संजीव कुमार नामक एक ठेकेदार थे. ठेकेदार संजीव कुमार ने विभाग में कंप्लेंट लगाया कि डी.के. ब्रदर्स. ट्रेडर्स con द्वारा दिया गया वर्क एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट फर्जी है.ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा पूरे लखीसराय जिले में कहीं पर भी मास्टिक सड़क का कार्य नहीं कराया गया है. शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा था कि हमने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता से भी दूरभाष पर बात की. उनके द्वारा बताया गया कि हमारे विभाग द्वारा अभी तक मास्टिक का कार्य नहीं कराया गया है, न ही हमने मास्टिक कार्य के लिए सर्टिफिकेट दिया है. ऐसे में डी.के. ब्रदर्स के फर्जी सर्टिफिकेट पर कार्रवाई की जाए

कार्यपालक अभियंता ने जारी किया था सर्टिफिकेट

शिकायत के बाद विभाग में परिवाद की समीक्षा की गई. जिसमें पाया गया की डी.के. ब्रदर्स ट्रेड्स मास्टिक वर्क का न्यूनतम अर्हता पूर्ण नहीं कर पा रहा. ऐसे में इनको असफल घोषित किया जाता है. जबकि कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय द्वारा 7 जुलाई 2025 को डी.के. ब्रदर्स ट्रेड को इस संबंध में एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट को सत्यापित किया था.