Bihar News : बिहार की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने की दिशा में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने राज्यों के विकास कार्यों और पूंजीगत निवेश को रफ्तार देने के लिए करों में हिस्सेदारी की अग्रिम किस्त जारी की है। इस फैसले के तहत बिहार को 10,845 करोड़ रुपये मिले हैं। यह राशि 10 अगस्त को मिलने वाली नियमित मासिक कर हिस्सेदारी से अलग है, जिससे राज्य सरकार को अतिरिक्त वित्तीय ताकत मिलेगी।
ऐसे समय में जब बिहार में सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और शहरी विकास जैसी कई बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं, यह राशि सरकार के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इससे कई योजनाओं को समय पर गति मिलेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
राज्यों को मिला 1.09 लाख करोड़ का बड़ा पैकेज
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को कुल 1,09,019 करोड़ रुपये राज्यों को अग्रिम कर हस्तांतरण के रूप में जारी किए हैं। यह पैसा राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और पूंजीगत खर्च बढ़ाने के उद्देश्य से दिया गया है।सबसे अधिक राशि उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये मिली है। इसके बाद बिहार 10,845 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये मिले हैं।
बिहार के लिए क्यों अहम है यह रकम?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह राशि बिहार सरकार के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। राज्य में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, ग्रामीण सड़कें, सिंचाई योजनाएं, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, स्कूल और अन्य सार्वजनिक परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। अतिरिक्त फंड मिलने से इन योजनाओं की गति तेज हो सकती है। इसके अलावा सरकार को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के भुगतान, विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण और पूंजीगत निवेश बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे राज्य की नकदी व्यवस्था पर दबाव कम होने की संभावना है।
आर्थिक संकट से मिलेगी राहत?
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस राशि से बिहार की आर्थिक चुनौतियां पूरी तरह समाप्त नहीं होंगी, लेकिन सरकार को विकास कार्यों के लिए जरूरी संसाधन जरूर मिल जाएंगे। यदि इस धनराशि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से किया गया तो सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई परियोजनाओं में तेजी देखने को मिल सकती है। राज्य सरकार लंबे समय से आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर जोर दे रही है। ऐसे में अतिरिक्त राशि से कई परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने क्या कहा?
वित्त मंत्रालय के अनुसार यह अग्रिम भुगतान राज्यों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने और विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से किया गया है। मंत्रालय का कहना है कि राज्यों को समय से पहले राशि उपलब्ध कराने से वे पूंजीगत निवेश और विकास कार्यों को बिना वित्तीय बाधा के आगे बढ़ा सकेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राशि नियमित मासिक कर हस्तांतरण से अलग है और राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता के रूप में दी गई है।
पहले भी मिल चुकी है अतिरिक्त सहायता
यह पहला मौका नहीं है जब केंद्र सरकार ने राज्यों को अग्रिम वित्तीय सहायता दी हो। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी राज्यों को 1,01,603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की गई थी। उस समय भी उद्देश्य विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को गति देना था।
वाणिज्यिक गैस सिलेंडर भी हुआ सस्ता
इसी बीच बिहार में व्यापारियों को भी राहत मिली है। 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 209 रुपये की कटौती की गई है। अब यह सिलेंडर 3,032.50 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 3,241.50 रुपये थी। हालांकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी कीमत 1,040 रुपये ही बनी हुई है।
बिहार के विकास को मिल सकती है नई रफ्तार
राजनीतिक और आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि इस अतिरिक्त धनराशि का सही उपयोग किया गया तो बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिल सकती है। सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस अतिरिक्त राशि का इस्तेमाल किन प्रमुख योजनाओं पर करती है और इसका आम लोगों को कितना लाभ मिलता है।





