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Bihar News: 19 जिलों के 51 PHC में होंगे बड़े बदलाव, मरीजों को मिलेंगी कई सारी उत्तम सुविधाएं

Bihar News: बिहार के 19 जिलों में 51 शहरी PHC में पॉली क्लीनिक होंगे शुरू। PPP मॉडल के तहत नेशनल शहरी स्वास्थ्य मिशन से मरीजों को मिलेंगी पहले से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं।

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 19 जिलों में 51 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पॉली क्लीनिक शुरू करने की योजना है। यह पहल राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत लोक निजी भागीदारी मॉडल के जरिए लागू होगी। राज्य स्वास्थ्य समिति ने इसके लिए एजेंसी का चयन कर लिया है और जल्द ही इन केंद्रों में मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।


पॉली क्लीनिक की सुविधा जिन जिलों में शुरू होगी उनमें गया, नालंदा, पटना, रोहतास, दरभंगा, बांका, भागलपुर, मुंगेर, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, गोपालगंज, सीवान, सारण और सहरसा शामिल हैं। इन केंद्रों में मरीजों को सामान्य उपचार के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह, डायग्नोस्टिक सेवाएं और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी संबंधित जिला सिविल सर्जनों को निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रक्रिया में किसी नए एकरारनामे की जरूरत नहीं है, बल्कि चयनित एजेंसी के साथ मिलकर काम शुरू करें।


ज्ञात हो कि बिहार में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब तक केवल रेफरल अस्पताल बनकर रह गए थे, जहां मरीजों को बुनियादी सुविधाएं भी मुश्किल से मिल पाती थीं। PPP मॉडल के तहत इन 51 केंद्रों का संचालन निजी एजेंसियों को सौंपकर सरकार इनकी दक्षता और उपयोगिता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इन केंद्रों में पहले से मौजूद आधारभूत संरचनाओं का बेहतर इस्तेमाल होगा और मरीजों को मुफ्त पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल सेवाएं भी मिलेंगी। इस योजना के पहले चरण की सफलता के आधार पर भविष्य में इसे और विस्तार दिया जाएगा।


यह कदम शहरी क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाएगा। पॉली क्लीनिक में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता, आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण और त्वरित उपचार की सुविधा से मरीजों को बड़े अस्पतालों की ओर रुख करने की जरूरत कम होगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन केंद्रों के जरिए न केवल इलाज की गुणवत्ता बढ़े, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो। स्थानीय लोग इस पहल का स्वागत कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि इससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा।