Bihar new bypass roads: बिहार के लोगों को जल्द ही सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलने वाली है। राज्य में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और बिहार सरकार मिलकर एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर नए बाइपास का निर्माण करा रही हैं। केंद्र सरकार ने कई नए बाइपास के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, जबकि राज्य सरकार ने भी नाबार्ड के साथ लोन समझौता किया है।
इस राशि का इस्तेमाल राज्यभर में बड़े पैमाने पर बाइपास निर्माण के लिए किया जाएगा। इन परियोजनाओं को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान किए गए वादों से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रमुख शहरों और कस्बों से गुजरने वाले भारी यातायात को बाहर निकालकर लोगों को जाम से राहत दिलाना है।
अरवल में 12 किलोमीटर का फोरलेन बाइपास
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अरवल जिले में एनएच-139 पर नौबतपुर से हरिहरगंज के बीच करीब 12 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके अलावा जमुई जिले के झाझा में मांगोबंदर, केंदुआ, टोलसोना और नरगंजो तथा पश्चिम चंपारण के भैरोगंज में भी नए बाइपास बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है। इन परियोजनाओं पर काम शुरू होने के बाद संबंधित इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
कई नेशनल हाईवे पर पहले से चल रहा निर्माण
बिहार के कई नेशनल हाईवे पर पहले से ही बाइपास निर्माण का काम चल रहा है। इनमें छपरा-रिविलगंज, आरा, बक्सर-चौसा और शेखपुरा बाइपास प्रमुख हैं। इसके अलावा जमुई, खैरा, कटोरिया, बांका, पंजवारा, लखपुरा, रानीगंज, औरंगाबाद, दाउदनगर, पूर्णिया, मधुबनी, बेनीपट्टी और उच्चैठ में भी बाइपास निर्माण की परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं।
नाबार्ड के कर्ज से पूरे होंगे कई प्रोजेक्ट
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान जिन इलाकों में बाइपास बनाने का वादा किया था, उनमें से कई परियोजनाओं को अब नाबार्ड से मिलने वाले कर्ज के जरिए पूरा किया जाएगा। इसके तहत आरा के पीरो में जाम से निजात दिलाने के लिए बाइपास बनाया जाएगा। वहीं पटना के पास बिहटा और मनेर में भी सड़क परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
इन इलाकों में भी बनेंगे बाइपास
बिहार पथ निर्माण विभाग की ओर से मधुबनी-जयनगर, गोपालगंज-मीरगंज, फारबिसगंज-अररिया, किशनगंज, सुपौल-त्रिवेणीगंज, नवादा-हिसुआ और सीतामढ़ी-शिवहर में भी बाइपास का निर्माण कराया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहरों और कस्बों के भीतर से गुजरने वाले वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि लोगों के सफर का समय भी घटेगा और राज्य की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।





