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Bihar MLC Oath: आज 10 नए MLC लेंगे शपथ, आठ नए चेहरे पहली बार सदन में, बदलेगा राजनीतिक समीकरण!

पटना में आज बिहार विधान परिषद के 10 नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे। आठ नए चेहरे पहली बार सदन में प्रवेश करेंगे, जबकि भाजपा और जदयू की ताकत बरकरार रहेगी। जानिए कौन-कौन बने नए MLC और क्या बदलेंगे राजनीतिक समीकरण।

Bihar MLC Oath: आज 10 नए MLC लेंगे शपथ, आठ नए चेहरे पहली बार सदन में, बदलेगा राजनीतिक समीकरण!
Tejpratap
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4 मिनट

Bihar MLC Oath: बिहार की राजनीति के लिए बुधवार का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार विधान परिषद के उप चुनाव और द्विवार्षिक चुनाव 2026 में निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आज पटना स्थित विधान परिषद उप भवन सभागार में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम शाम चार बजे शुरू होगा, जहां विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी की संभावना है।


इस बार विधान परिषद पहुंचे दस सदस्यों में आठ ऐसे हैं जो पहली बार सदन के सदस्य बने हैं। नए सदस्यों में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, अनिल कुमार ठाकुर, शिवरानी देवी प्रजापति, ललन प्रसाद, अशरफ अंसारी, शीला पंडित, पवन सिंह और भारती मेहता शामिल हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के संजय मयूख और राष्ट्रीय जनता दल के सुनील सिंह पहले भी विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और इस बार तीसरी बार सदन में पहुंचे हैं।


हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधान परिषद के नौ द्विवार्षिक निर्वाचन क्षेत्रों और एक रिक्त सीट पर हुए उप चुनाव में सभी दस उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए थे। इन चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का दबदबा देखने को मिला। कुल दस सीटों में से नौ सीटें राजग के खाते में गईं, जबकि एक सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।


निर्वाचित सदस्यों में भारतीय जनता पार्टी से संजय मयूख, पवन सिंह, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित शामिल हैं। जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति तथा उप चुनाव में ललन प्रसाद को सफलता मिली है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अशरफ अंसारी पहली बार विधान परिषद पहुंचे हैं। वहीं विपक्ष की ओर से राजद के सुनील सिंह ने अपनी सीट बरकरार रखते हुए तीसरी बार सदन में प्रवेश किया है।


इन चुनाव परिणामों के बाद बिहार विधान परिषद की राजनीतिक तस्वीर में भी कुछ बदलाव देखने को मिला है। भाजपा सदन में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रही है। जनता दल (यूनाइटेड) भी सदस्य संख्या के आधार पर दूसरे स्थान पर कायम है। दूसरी ओर राजद और कांग्रेस के सदस्य संख्या में एक-एक की कमी आई है। वहीं लोजपा (रामविलास) को पहली बार बिहार विधान परिषद में प्रतिनिधित्व मिला है, जिसे पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।


इस शपथ ग्रहण समारोह का सबसे अधिक ध्यान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पर रहेगा। वह पहली बार किसी सदन के सदस्य बने हैं। निर्वाचन प्रमाण पत्र मिलने के बाद उन्होंने कहा था कि वे अपने पिता की सोच और विकास की नीति को आगे बढ़ाते हुए बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। उनके विधान परिषद पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई बड़े फैसलों और योजनाओं पर भी नजर रहेगी।


शपथ ग्रहण के साथ ही सभी नवनिर्वाचित सदस्य औपचारिक रूप से बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में भाग लेने के पात्र हो जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले होने वाला यह सत्र राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे में नए सदस्यों का सदन में प्रवेश बिहार की राजनीति में नई सक्रियता और नए समीकरणों की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।