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Bihar MLC Election 2026 : बिहार MLC चुनाव में किसका दामन साफ, कौन है करोड़पति? आधे उम्मीदवारों पर केस, एक के पास 72 करोड़ की संपत्ति

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। 30 प्रमुख उम्मीदवारों के हलफनामे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। आधे उम्मीदवारों पर केस हैं, तो एक प्रत्याशी 72 करोड़ की संपत्ति के साथ सबसे अमीर है।

Bihar MLC Election 2026
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Tejpratap
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पटना :  बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाला चुनाव इस बार सिर्फ राजनीतिक मुकाबले तक सीमित नहीं है। प्रत्याशियों के हलफनामे सामने आने के बाद चुनाव की एक अलग तस्वीर भी सामने आई है। किसी उम्मीदवार पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं तो कोई करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। कोई लग्जरी कारों के काफिले के साथ मैदान में है तो कोई उम्र के मामले में राजनीति की पुरानी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहा है।

प्रमुख राजनीतिक दलों के 30 उम्मीदवारों के एफिडेविट के अध्ययन से सामने आया है कि हर दूसरे उम्मीदवार पर एक या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, संपत्ति के मामले में पटना स्नातक सीट से RJD उम्मीदवार दिलीप कुमार सबसे आगे हैं। उनके पास करीब 72 करोड़ रुपए की संपत्ति बताई गई है।

13 मुकदमों के साथ सबसे आगे मदन मोहन झा

आपराधिक मामलों की बात करें तो सबसे ज्यादा मामले दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी मदन मोहन झा के खिलाफ दर्ज हैं। उनके हलफनामे के मुताबिक उन पर कुल 13 मामले दर्ज हैं। कुल मिलाकर 30 प्रमुख उम्मीदवारों में करीब 50 फीसदी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ एक या उससे ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। यानी विधान परिषद के चुनावी मैदान में उतरने वाले हर दो उम्मीदवारों में से एक का सामना सिर्फ वोटरों से नहीं, बल्कि अपने ऊपर दर्ज मामलों के सवालों से भी है।

पार्टियों के हिसाब से देखें तो कांग्रेस उम्मीदवारों पर औसतन 2.8 मामले दर्ज हैं। इसके बाद जनसुराज के उम्मीदवारों पर औसतन 1.5, RJD के उम्मीदवारों पर 1.28 और BJP उम्मीदवारों पर 1.25 मामले हैं। JDU इस मामले में सबसे नीचे है, जिसके प्रत्याशियों पर औसतन 0.5 मामले दर्ज हैं।

72 करोड़ की संपत्ति वाले दिलीप कुमार, मुकाबले में 80 लाख के नीरज

संपत्ति के मामले में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला भी दिलचस्प है। RJD के उम्मीदवार दिलीप कुमार ने अपने हलफनामे में करीब 72 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। वहीं, इसी सीट से NDA समर्थित JDU के प्रत्याशी और तीन बार के MLC नीरज कुमार की कुल चल-अचल संपत्ति करीब 80 लाख रुपए बताई गई है। यानी एक ही सीट पर दो प्रमुख उम्मीदवारों की संपत्ति में जमीन-आसमान का अंतर नजर आता है। दिलीप कुमार सिर्फ संपत्ति के मामले में ही चर्चा में नहीं हैं। उनके पास पजेरो, फॉर्च्युनर और जीप कंपास जैसी गाड़ियां भी हैं। इसके अलावा उन्होंने राइफल और पिस्टल होने की जानकारी भी हलफनामे में दी है।

जनसुराज उम्मीदवार के पास 1.64 करोड़ की Mercedes

प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने सभी 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी के उम्मीदवारों में दरभंगा स्नातक सीट से मो. इम्तियाज भी शामिल हैं। 49 वर्षीय इम्तियाज के पास करीब 1.64 करोड़ रुपए की Mercedes GLS 450 कार है। इसके अलावा उनके पास Toyota की गाड़ी भी है। यानी विधान परिषद की इस लड़ाई में सियासी दावों के साथ लग्जरी कारों की चमक भी दिखाई दे रही है।

79 साल के BJP उम्मीदवार से लेकर 33 साल के JDU प्रत्याशी तक

उम्र के लिहाज से भी इस बार विधान परिषद चुनाव दिलचस्प है। BJP ने सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। तिरहुत शिक्षक सीट से BJP प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह की उम्र 79 साल है। वहीं, JDU ने युवा चेहरे पर भरोसा जताया है। तिरहुत स्नातक सीट से पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक झा महज 33 साल के हैं। यानी एक तरफ राजनीति का लंबा अनुभव है तो दूसरी तरफ नई पीढ़ी का चेहरा। पार्टियों के उम्मीदवारों की औसत उम्र देखें तो JDU के प्रत्याशियों की औसत उम्र 47 साल, RJD की 55, कांग्रेस की 61 और BJP की 69 साल है। जनसुराज उम्मीदवारों की औसत उम्र करीब 55 साल है।

पढ़ाई में जनसुराज ने मारी बाजी

शैक्षणिक योग्यता के मामले में जनसुराज के उम्मीदवार सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे नजर आते हैं। पार्टी ने सभी 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें से 7 उम्मीदवार PG या PhD डिग्रीधारी हैं। सिर्फ सारण शिक्षक सीट से सिटिंग MLC अफाक अहमद ग्रेजुएट हैं। 30 प्रमुख उम्मीदवारों को मिलाकर देखें तो करीब हर तीसरे प्रत्याशी के पास PhD की डिग्री है। यानी इस बार विधान परिषद के चुनाव में राजनीतिक अनुभव के साथ शैक्षणिक योग्यता भी एक बड़ा फैक्टर बनकर सामने आई है।

महिला आरक्षण की बात, लेकिन टिकट में सिर्फ 2 महिलाएं

महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की बात करने वाली राजनीतिक पार्टियों के टिकट बंटवारे की तस्वीर विधान परिषद चुनाव में बिल्कुल अलग नजर आती है। 7 प्रमुख पार्टियों के 30 उम्मीदवारों में सिर्फ 2 महिलाएं हैं। RJD ने तिरहुत स्नातक सीट से रश्मि विनायक गौतम को और जनसुराज ने पटना शिक्षक सीट से दिव्या ज्योति को टिकट दिया है। BJP, JDU, कांग्रेस, CPI और CPI(M) ने एक भी महिला उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है।

164 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा, 9 अक्टूबर तक नाम वापसी

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए कुल 164 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें 4 स्नातक सीटों के लिए 98 और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 66 उम्मीदवार मैदान में हैं। स्नातक सीटों में सबसे ज्यादा 40 उम्मीदवार दरभंगा से हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा 22 उम्मीदवार पटना से चुनावी मैदान में उतरे हैं। अब सबकी नजर 9 अक्टूबर पर है, क्योंकि नामांकन वापस लेने की यही आखिरी तारीख है। इसके बाद तस्वीर साफ होगी कि कितने उम्मीदवार वास्तव में चुनावी मैदान में डटे रहते हैं।

कुल मिलाकर इस बार का MLC चुनाव सिर्फ पार्टियों की प्रतिष्ठा की लड़ाई नहीं है। हलफनामों ने मुकाबले में करोड़ों की संपत्ति, आपराधिक मामलों, उम्र, शिक्षा और महिला प्रतिनिधित्व जैसे कई सवाल भी जोड़ दिए हैं। अब देखना होगा कि वोटर इन तमाम आंकड़ों के बीच किस उम्मीदवार पर अपना भरोसा जताते हैं।