ब्रेकिंग
स्कूल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, SDM ने प्रधानाचार्य को किया शो-कॉज, रसोइया बर्खास्तदरभंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो की टक्कर से पति-पत्नी की मौत; LNMU में प्रोफेसर थीं बबीता देवीबिहार में बढ़ा नदियों का जलस्तर, अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में कटाव प्रभावित इलाकों का तेजस्वी यादव ने लिया जायजाअशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगस्कूल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, SDM ने प्रधानाचार्य को किया शो-कॉज, रसोइया बर्खास्तदरभंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो की टक्कर से पति-पत्नी की मौत; LNMU में प्रोफेसर थीं बबीता देवीबिहार में बढ़ा नदियों का जलस्तर, अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में कटाव प्रभावित इलाकों का तेजस्वी यादव ने लिया जायजाअशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांग

ऊर्जा मंत्री ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र, कहा- बिहार में नहीं होगा बिजली का निजीकरण

PATNA : बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि बिहार में बिजली का निजीकरण नहीं होगा. ऊर्जा मंत्री ने सरकार को दो टूक कहा है

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

PATNA : बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि बिहार में बिजली का निजीकरण नहीं होगा. 

ऊर्जा मंत्री ने सरकार को दो टूक कहा है कि सरकारी बिजली कंपनियों का काम राज्य में असाधारण और उत्साहवर्धक रहा है. इसलिए निजीकरण के बजाए देश के दूसरे राज्य बिहार की बिजली कंपनी का अनुसरण करें. वहीं ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने ऊर्जा मंत्रालय के अपर सचिव को पत्र लिखकर खुद को उस कमेटी से सदस्य के तौर पर बाहर करने को कहा है जो बिजली कंपनियों के निजीकरण के लिए बनी है.

बता दें कि बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने 13 फरवरी को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि देश में प्रयोग के तौर पर निजी कंपनियों को बिजली आपूर्ति करने का जिम्मा दिया जा रहा था तो बिहार में भी गया, मुजफ्फरपुर व भागलपुर में भी इस पर काम हुआ. साल 2013 में तीनों शहरों में बिजली आपूर्ति का जिम्मा निजी एजेंसियों को दे दिया गया. लेकिन बिहार में यह प्रयोग पूरी तरह असफल रहा. तीनों शहरों में बिजली आपूर्ति बद से बदतर हो गई. किसी तरह की नई विद्युत संरचना का निर्माण भी निजी कंपनियों ने नहीं किया. बाध्य होकर निजी कंपनियों के एकरारनामे को रद्द करना पड़ा. इससे साफ है कि बिहार में बिजली के क्षेत्र में सरकारी कंपनियों की ओर से किए जा रहे कार्य सराहनीय, असाधारण व उत्साहवर्धक साबित हो रहे हैं तो निजी क्षेत्र के प्रयोग असफल रहे हैं. पहले भी बिहार ने साफ कर दिया था कि बिजली क्षेत्र में निजीकरण पर सरकार सहमत नहीं हैं.



रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

Rahul Singh

FirstBihar संवाददाता