ब्रेकिंग
MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦ IG से भिड़ने वाली महिला DSP को बड़ी राहत...सरकार ने दी क्लिनचिट, हाईकोर्ट के आदेश पर दुबारा पक्ष सुना गया, इसके बाद आरोप से किया गया मुक्त ✦बिहार TRE-4 में नौकरी की महाभारत! 33 हजार पदों के लिए 9.95 लाख युवाओं ने ठोकी दावेदारी, एक सीट पर 30 की टक्कर!✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦ IG से भिड़ने वाली महिला DSP को बड़ी राहत...सरकार ने दी क्लिनचिट, हाईकोर्ट के आदेश पर दुबारा पक्ष सुना गया, इसके बाद आरोप से किया गया मुक्त ✦बिहार TRE-4 में नौकरी की महाभारत! 33 हजार पदों के लिए 9.95 लाख युवाओं ने ठोकी दावेदारी, एक सीट पर 30 की टक्कर!

बिहार में लोहार जाति एसटी की सुविधा से बाहर, नीतीश सरकार ने जारी की अधिसूचना

PATNA : बिहार में लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति यानी एसटी की सुविधाएं नहीं मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने लोहार जाति को दी गई अनुसूचित जनजाति की

बिहार में लोहार जाति एसटी की सुविधा से बाहर, नीतीश सरकार ने जारी की अधिसूचना
Editor
2 मिनट

PATNA : बिहार में लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति यानी एसटी की सुविधाएं नहीं मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने लोहार जाति को दी गई अनुसूचित जनजाति की सुविधाओं को खत्म कर दिया गया है। इस संबंध में सभी विभागों के साथ प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, सभी आयोग और अन्य कार्यालयों को लेटर लिखा है।


आपको बता दें कि बिहार में लोहार जाति को साल 2016 में अत्यंत पिछड़े वर्गों की सूची से हटाकर अनुसूचित जनजाति यानी एसटी का दर्जा दिया गया था। लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी करने के साथ अन्य सुविधाएं भी देने के आदेश दिये गए थे। 


यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया था। 21 फरवरी 2022 को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के साल 2016 के उस आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति की तरह सुविधाएं दी गई थी। इसी आदेश के आलोक में यह निर्णय लिया गया है। अब पहले की तरह ही लोहार जाति को राज्य में अत्यंत पिछड़े वर्गों को मिलने वाली आरक्षण समेत दूसरी सभी सुविधाएं मिलेंगी।