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बिहार में एक बार फिर रद्द हुई प्रधान शिक्षक की परीक्षा, नियमावली बनी मुख्य वजह

PATNA: बिहार में लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रधान शिक्षक परीक्षा को एक बार फिर से स्थगित कर दिया गया है। यह लिखित प्रतियोगिता परीक्षा 22 दिसंबर को आयोजित होने वाली थी, लेकि

बिहार में एक बार फिर रद्द हुई प्रधान शिक्षक की परीक्षा, नियमावली बनी मुख्य वजह
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार में लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रधान शिक्षक परीक्षा  को एक बार फिर से स्थगित कर दिया गया है। यह लिखित प्रतियोगिता परीक्षा 22 दिसंबर को आयोजित होने वाली थी, लेकिन आयोग ने पत्र जारी कर इसपर रोक लगा दिया है। आयोग के तरफ से जारी पत्र में यह बात कही गई है कि, विज्ञापन संख्या - 04/2022 शिक्षा विभाग, बिहार के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु दिनांक - 22.12.2022 (गुरूवार) को आयोजित की जाने वाली लिखित (वस्तुनिष्ठ) प्रतियोगिता परीक्षा अपरिहार्य कारणों से स्थगित की जाती है।


बता दें कि, यह प्रतियोगिता परीक्षा राज्य में 13 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाने वाली थी। यह लिखित परीक्षा में वस्तुनिष्ठ सवालों का जवाब देना होता है। इसको लेकर गुरुवार को पटना उच्च न्यायालय में निमायवली पर सवाल उठाया गया था। इसमें कहा गया था कि, जिस नियम के आधार पर राज्य में 40 हजार 506 पदों पर बहाली हो रही है वह उचित नहीं है। इसमें नया नियम बनाना चाहिए और उसी आधार पर बहाली होनी चाहिए। इसके बाद अब आयोग ने यह परीक्षा रद्द कर दिया है।


गौरतलब हो कि, इससे पहले भी बीपीएससी ने प्रधानाध्यापकों के कुल 6421 पदों के लिए वैकेंसी निकाली थी लेकिन परीक्षा में मात्र 421 शिक्षक ही प्रतियोगी परीक्षा पास कर सके। इसके बाद  6000 पद खाली रह गए और इनको भरने के लिए यह नियुक्ति निकाली गई है। बीपीएससी ने अपने स्तर से दुसरी बार यह परीक्षा आयोजित करवा रही है। इससे पहले इसी साल एक ओर परीक्षा आयोजित करवाई गई थी। जिसका परिणाम अगस्त के महीने में जारी किया गया था।

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