Bihar Madarsa Teachers : बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर दो बड़े कदम उठाए हैं। एक ओर राज्य के सभी गैर सरकारी स्वीकृत अनुदानित मदरसों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों का पूरा ब्योरा डिजिटल प्लेटफॉर्म ई-शिक्षा कोष पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है, वहीं दूसरी ओर राज्य की 574 वक्फ संपत्तियों से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है।
तीन दिनों में मांगा गया पूरा ब्योरा
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मदरसों में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाए। विभाग ने इस बात पर नाराजगी भी जताई है कि पहले जारी किए गए निर्देशों का कई जिलों में पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
विशेष माध्यमिक शिक्षा निदेशक सचिन्द्र कुमार की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सभी संबंधित आंकड़े एक्सेल शीट के माध्यम से बिहार राज्य मदरसा बोर्ड को भेजे जाएंगे। इसके बाद मदरसा बोर्ड इन जानकारियों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करेगा।
हर शिक्षक और कर्मचारी को मिलेगी यूनिक आईडी
सरकार की इस पहल के बाद मदरसों में कार्यरत प्रत्येक शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी की एक विशिष्ट (यूनिक) आईडी तैयार की जाएगी। इससे कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और भविष्य में वेतन, सेवा रिकॉर्ड, सत्यापन तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से मदरसा शिक्षा व्यवस्था की निगरानी आसान होगी और राज्य स्तर पर कर्मचारियों से जुड़ी सभी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी।
574 वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई
इधर, राज्यसभा में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि बिहार में कुल 574 वक्फ संपत्तियां वर्तमान में अवैध कब्जे की चपेट में हैं। इनमें बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड की 63 और बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड की 511 संपत्तियां शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए संबंधित वक्फ बोर्ड वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 54 के तहत कार्रवाई कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य इन धार्मिक एवं सार्वजनिक महत्व की संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से कब्जामुक्त कराना है।
यूएमईईडी पोर्टल पर भी दर्ज हो रहा रिकॉर्ड
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि देशभर में वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण यूएमईईडी केंद्रीय पोर्टल 2025 पर किया जा रहा है। 21 जुलाई तक कई राज्यों में यह प्रक्रिया जारी थी। जिन राज्यों ने आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है, उन्हें कानून के प्रावधानों के अनुसार समय विस्तार भी दिया गया है।
पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था पर सरकार का फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि मदरसा शिक्षकों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और वक्फ संपत्तियों का व्यवस्थित पंजीकरण करने से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे एक ओर शिक्षा व्यवस्था का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, तो दूसरी ओर वक्फ संपत्तियों की निगरानी और संरक्षण भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। सरकार के इन दोनों फैसलों को प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के अनुपालन पर शिक्षा विभाग और संबंधित बोर्डों की नजर रहेगी।





