1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 24 Feb 2026 12:25:47 PM IST
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Bihar hospital news : बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। राज्य की राजधानी पटना के राजवंशी नगर स्थित Jayaprakash Narayan Orthopedic Hospital परिसर में 400 बेड का अत्याधुनिक हड्डी रोग अस्पताल बनाया जा रहा है, जिसे देश का सबसे बड़ा ऑर्थोपेडिक अस्पताल बताया जा रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री Mangal Pandey ने बिहार विधान परिषद में महत्वपूर्ण घोषणा की।
दरअसल, विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान एमएलसी कार्तिकेय कुमार ने राजवंशी नगर स्थित हड्डी अस्पताल में ब्लड बैंक की आवश्यकता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हड्डी रोग से जुड़े गंभीर ऑपरेशन और दुर्घटना के मामलों में अक्सर रक्त की जरूरत पड़ती है, लेकिन अस्पताल में ब्लड बैंक नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार इस दिशा में क्या कदम उठा रही है, यह स्पष्ट किया जाए।
इस पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने सदस्य द्वारा उठाए गए प्रश्न को वाजिब बताते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है। मंत्री ने बताया कि जयप्रकाश हड्डी अस्पताल परिसर में 400 बेड का नया अस्पताल निर्माणाधीन है, जो पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। उन्होंने दावा किया कि यह देश का इकलौता और सबसे बड़ा हड्डी रोग अस्पताल होगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े अस्पताल में ब्लड बैंक की आवश्यकता स्वाभाविक है। इसलिए विभाग को निर्देश दिया गया है कि अस्पताल शुरू होने के छह महीने के भीतर ब्लड बैंक की स्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि अस्पताल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और अगले दो से तीन महीनों के भीतर इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
ब्लड बैंक की स्थापना की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होती है। इसके तहत कोलकाता स्थित संबंधित कार्यालय से भी स्वीकृति आवश्यक होती है। चूंकि यह एक विधिवत प्रक्रिया है, इसलिए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में समय लगता है। विभाग इन प्रक्रियाओं का अनुपालन करेगा और तय समयसीमा में ब्लड बैंक स्थापित किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 400 बेड के इस विशाल हड्डी रोग अस्पताल के शुरू होने से न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार और आसपास के राज्यों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर ऑर्थोपेडिक मामलों में यह अस्पताल बड़ी राहत साबित होगा। इस घोषणा के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ जाएगा।