ब्रेकिंग
तमिलनाडु में सरकार गठन पर फिर फंसा पेंच: विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK ने रख दी बड़ी शर्त; स्टालिन के साथ IUMLबिहार में डबल मर्डर से हड़कंप: एक ही घर के दो कमरों से देवरानी-जेठानी के शव बरामद, ससुरालवाले फरारअब किसे शाहजादा और युवराज बतायेंगे पीएम मोदी! तेजस्वी यादव ने सम्राट कैबिनेट के 17 मंत्रियों की लिस्ट जारी कर परिवारवादी बतायापश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिलकौन हैं शुभेंदु अधिकारी जो बनने जा रहे हैं बंगाल के नए सीएम: जानिए उनका पूरा सियासी सफरतमिलनाडु में सरकार गठन पर फिर फंसा पेंच: विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK ने रख दी बड़ी शर्त; स्टालिन के साथ IUMLबिहार में डबल मर्डर से हड़कंप: एक ही घर के दो कमरों से देवरानी-जेठानी के शव बरामद, ससुरालवाले फरारअब किसे शाहजादा और युवराज बतायेंगे पीएम मोदी! तेजस्वी यादव ने सम्राट कैबिनेट के 17 मंत्रियों की लिस्ट जारी कर परिवारवादी बतायापश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिलकौन हैं शुभेंदु अधिकारी जो बनने जा रहे हैं बंगाल के नए सीएम: जानिए उनका पूरा सियासी सफर

Bihar Land survey : जमीन सर्वे को लेकर चालू हुआ यह काम, अब इस काम में नहीं होगी परेशानी

Bihar Land survey : बिहार के सभी 9 प्रमंडलों में जमीन सर्वे का सर्वर काम करना शुरू हो गया है। रैयत अब बिना किसी परेशानी के अपनी वंशावली

Bihar Land survey
Bihar Land survey
© file photo
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

Bihar Land survey : बिहार के अंदर जमीन सर्वे को लेकर तरह -तरह की खबरें निकल कर सामने आ रही है। अब सभी जिलों में जमीन सर्वे का सर्वर चालू हो गया है। जमीन सर्वे में अब किसी जिले के लोग स्वघोषणा के तहत अपना दस्तावेज या वंशावली अपलोड कर सकते हैं, इसमें कोई समस्या नहीं आएगी। सारण समेत सभी 9 प्रमंडलों के सर्वर ने काम करना शुरू कर दिया है। 9वां और अंतिम सर्वर सारण प्रमंडल का ही था, जिसने पूरी तरह से काम शुरू कर दिया है। साथ ही दस्तावेजों को संग्रह करने की समस्या का अंत हो गया है।


सर्वे निदेशालय की तकनीकी शाखा के अनुसार, निदेशालय की वेबसाइट के पेज पर यूजर्स को जिले के रूप में नया विकल्प मिलेगा, जिसका चयन करने पर उनके आवेदन उनके जिले से संबंधित प्रमंडल के लिए आरक्षित सर्वर में जाकर संग्रहित हो जाएंगे। सभी प्रमंडलों का आंतरिक लिंक अलग-अलग कर दिया गया है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि डिजिटाइज्ड एवं स्कैंड डेटा को सहेज कर रखने में परेशानी नहीं हो।


इस मामले को लेकर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने शास्त्री नगर स्थित सर्वे भवन से ऑनलाइन माध्यम से सभी 38 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों से बात की। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से यह जाना कि अब सर्वर अलग-अलग कर देने के बाद भी जमीन सर्वे से संबंधित क्या कोई तकनीकी समस्या बची हुई है। सभी पदाधिकारियों ने कहा कि अब कोई समस्या नहीं है और इससे डेटा अपलोड एवं डिजिटाइजेशन के कार्य में तेजी आएगी।


हालांकि, कई जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों ने अपलोड हुए दस्तावेजों के नहीं दिखने की शिकायत की। इन समस्याओं का समाधान 24 घंटे में करने का भरोसा उन्होंने दिलाया। ऑफलाइन मोड पर शिविरों में प्राप्त सभी दस्तावेजों को एक सप्ताह में ऑनलाइन करने का आदेश दिया गया है।

संबंधित खबरें