Bihar Land Reforms Department : जमाबंदी वेरिफिकेशन को लेकर बिहार में तैनात हुए 15 बड़े अधिकारी, लिस्ट जारी; जानिए किन्हें मिला आपके जिले का प्रभार

बिहार में एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों के जमाबंदी सत्यापन का कार्य मिशन मोड में शुरू किया गया है। राजस्व विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में तैनात कर भूमि रिकॉर्ड को सटीक व पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 08 Jan 2026 02:44:14 PM IST

Bihar Land Reforms Department : जमाबंदी वेरिफिकेशन को लेकर बिहार में तैनात हुए 15 बड़े अधिकारी, लिस्ट जारी; जानिए किन्हें मिला आपके जिले का प्रभार

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Bihar Land Reforms Department : बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (कृषि गणना) द्वारा एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत किसानों के जमाबंदी बकेट क्लेम एवं सत्यापन का कार्य पूरे राज्य में मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। इसको लेकर विभाग ने एक विस्तृत कार्यालय आदेश जारी करते हुए वरिष्ठ पदाधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारी सौंपी है और उन्हें स्थल पर जाकर प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण करने का दायित्व दिया गया है। सरकार का उद्देश्य भूमि अभिलेखों को अद्यतन, सटीक और पूरी तरह पारदर्शी बनाना है, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।


यह विशेष अभियान मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में 30 दिसंबर 2025 को आयोजित एग्रीस्टैक स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में चलाया जा रहा है। कृषि विभाग, बिहार के पत्र के अनुसार 06 से 08 जनवरी तथा 18 से 21 जनवरी 2026 की अवधि में यह सघन अभियान पूरे राज्य में संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों से जुड़े भूमि अभिलेखों का त्वरित सत्यापन, त्रुटियों का निराकरण और डिजिटल डेटाबेस को मजबूत करना है।


अभियान के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कुल 15 वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जिलों का प्रभार सौंपा है। निदेशक, चकबंदी राकेश कुमार को मधेपुरा, सुपौल और सहरसा जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। विशेष सचिव अरूण कुमार सिंह रोहतास, कैमूर और बक्सर जिलों में अभियान की निगरानी करेंगे।


वहीं निदेशक, भू-अर्जन  कमलेश कुमार सिंह को पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों का दायित्व सौंपा गया है। इसी क्रम में अपर सचिव डॉ. महेन्द्र पाल को पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। सहायक निदेशक-सह-अपर सचिव आजीव वत्सराज दरभंगा और समस्तीपुर जिलों में सत्यापन कार्य की निगरानी करेंगे। 


विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर को बेगूसराय और खगड़िया जिलों का प्रभार सौंपा गया है, जबकि विशेष कार्य पदाधिकारी सुधा रानी सारण और गया जिलों में अभियान का पर्यवेक्षण करेंगी। बिहार सर्वेक्षण कार्यालय, गुलजारबाग, पटना की उप-निदेशक मोना झा को पटना और जहानाबाद जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। उप-सचिव डॉ. सुनील कुमार भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों में अभियान की निगरानी करेंगे। वहीं उप-सचिव संजय कुमार सिंह गोपालगंज और सिवान जिलों में कार्य की प्रगति का निरीक्षण करेंगे।


इसके अतिरिक्त सहायक निदेशक, कृषि गणना अमरेन्द्र कुमार को जमुई, शेखपुरा और लखीसराय, विशेष कार्य पदाधिकारी सोनी कुमारी को वैशाली और अरवल, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के विशेष कार्य पदाधिकारी नवाजिश अख्तर को नालंदा, नवादा और औरंगाबाद तथा सहायक निदेशक, कृषि गणना  सुमित कुमार आनंद को सीतामढ़ी, शिवहर और मधुबनी जिलों का प्रभार सौंपा गया है। सहायक निदेशक, कृषि गणना सुधांशु शेखर मुजफ्फरपुर और भोजपुर जिलों में अभियान का पर्यवेक्षण करेंगे।


विभागीय निर्देश के अनुसार सभी नामित पदाधिकारी 07 से 10 जनवरी तक अपने-अपने आवंटित जिला मुख्यालय में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान शिविरों के माध्यम से किसानों के जमाबंदी दावों के सत्यापन की निगरानी की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वरीय अधिकारियों का मानना है कि इस सघन अभियान से एग्रीस्टैक के तहत किसानों का भूमि डेटा अधिक सटीक, अद्यतन और भरोसेमंद बनेगा। इससे न केवल भविष्य में कृषि से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आएगी, बल्कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी और समय पर उपलब्ध हो सकेगा।