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Bihar Land Mutation: अब जमीन का नक्शा भी होगा म्यूटेशन में शामिल, सरकार शुरू करने जा रही नई योजना

Bihar Land Mutation: बिहार सरकार की नई योजना में म्यूटेशन के साथ अब जमीन का नक्शा भी शामिल होगा। रजिस्ट्री के समय ही नक्शा जोड़ा जाएगा, जिससे प्रक्रिया हो जाएगी पहले से ज्यादा आसान।

Bihar Land Mutation
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar Land Mutation: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने म्यूटेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक नई योजना तैयार की है। जिसके तहत रजिस्ट्री के समय ही जमीन का नक्शा शामिल किया जाएगा। इस योजना से म्यूटेशन के लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं पड़ेगी और दस्तावेज सीधे सर्किल ऑफिसर को भेजे जाएंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी 15 जुलाई को इस योजना का शुभारंभ करेंगे। यह योजना पहले उन क्षेत्रों में लागू होगी जहां विशेष भूमि सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।


वर्तमान में म्यूटेशन में केवल भू-स्वामी के नाम का परिवर्तन होता है, लेकिन नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के दौरान जमीन का अद्यतन नक्शा, खाता, खेसरा और चौहद्दी की जानकारी शामिल होगी। इससे जमीन की पहचान और स्वामित्व विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। बिहार भूमि पोर्टल (biharbhumi.bihar.gov.in) और भूलेख बिहार (bhulekhbihar.org) पर डिजिटल नक्शे और रिकॉर्ड उपलब्ध होंगे, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी। यह योजना चार साल पहले स्वीकृत हुई थी लेकिन सर्वेक्षण के अभाव में लागू नहीं हो सकी थी। आईआईटी रुड़की ने इसका प्रारूप तैयार किया है और अब 38 जिलों में विशेष सर्वेक्षण पूरा होने से इसे लागू किया जा रहा है।


पटना, दरभंगा, समस्तीपुर और बेगूसराय जैसे जिलों में सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जहां यह योजना पहले शुरू होगी। संजय सरावगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस की लंबित शिकायतों को 30 दिनों में निपटाया जाए। हाल के आंकड़ों के अनुसार बिहार में 1.5 लाख से अधिक म्यूटेशन केस लंबित हैं, जिनमें गलत खाता-खेसरा, कैथी लिपि में पुराने दस्तावेज और रजिस्टर-2 की खराब स्थिति प्रमुख कारण हैं। नई योजना से इन समस्याओं को कम करने की उम्मीद है क्योंकि डिजिटल नक्शे और ऑनलाइन रिकॉर्ड से गलतियों की संभावना घटेगी।


यह योजना भूमिहीनों को जमीन आवंटन और स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी करने में भी मदद करेगी। बिहार भूमि सर्वे 2024-25 में 60% से अधिक क्षेत्रों में डिजिटल सर्वे पूरा हो चुका है और शेष क्षेत्रों में 2026 तक काम पूरा होने की उम्मीद है। नागरिक biharbhumi.bihar.gov.in या parimarjan.bihar.gov.in पर म्यूटेशन स्थिति, भू-लगान और नक्शा देख सकते हैं।