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Bihar Bhumi: बिहार में तीन माह के भीतर खत्म होंगे भूमि विवाद के सभी मामले, सरकार ने जारी किए निर्देश; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?

Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि विवाद मामलों में ‘लंबित’ की परिभाषा स्पष्ट कर तीन माह के भीतर निष्पादन अनिवार्य किया, सभी जिलों को साप्ताहिक समीक्षा का निर्देश।

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 एवं नियमावली, 2010 के अंतर्गत ‘लंबित’ मामलों की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं एवं उप समाहर्ताओं (भूमि सुधार) को वादों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया है।


प्रधान सचिव सी.के. अनिल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सभी वादों का निष्पादन तीन माह के भीतर करना अनिवार्य है। ‘लंबित’ का अर्थ केवल वही मामले होंगे, जिनमें सक्षम न्यायालय द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत अस्थायी निषेधाज्ञा जारी हो।


पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम प्राधिकार एवं अपीलीय प्राधिकार को मामलों का निष्पादन संक्षिप्त प्रक्रिया के तहत करना है। समाहर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर अधिकतम तीन माह के भीतर वादों के निष्पादन को सुनिश्चित करें।


उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भूमि विवादों का त्वरित और प्रभावी समाधान सामाजिक स्थिरता के लिए आवश्यक है। भूमि विवाद के मामलों का त्वरित गति से निष्पादन के उद्देश्य से लंबित की परिभाषा स्पष्ट की गई है। यह पहल माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय कार्यक्रम (2025-30) के अंतर्गत ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता