ब्रेकिंग
राजपूतों को कितना महत्व दे रही है भाजपा? सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल✦हाजीपुर जंक्शन पर 55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, दिवाली में खपाने की थी तैयारी ✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦राजपूतों को कितना महत्व दे रही है भाजपा? सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल✦हाजीपुर जंक्शन पर 55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, दिवाली में खपाने की थी तैयारी ✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना

बिहार की आपत्ति के बाद बदला फैसला, पटना में ही रहेगा गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग का मुख्यालय

PATNA : बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा की तरफ से की गई पहल का असर दिखा है. अब गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग का मुख्यालय लखनऊ शिफ्ट नहीं किया जाएगा. मुख्यालय का कार्यालय पटना में

बिहार की आपत्ति के बाद बदला फैसला, पटना में ही रहेगा गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग का मुख्यालय
Anamika
3 मिनट

 PATNA : बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा की तरफ से की गई पहल का असर दिखा है. अब गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग का मुख्यालय लखनऊ शिफ्ट नहीं किया जाएगा. मुख्यालय का कार्यालय पटना में ही बना रहेगा. जल संसाधन मंत्री संजय झा ने इस मामले में केंद्र सरकार से बातचीत की थी और उसके बाद फैसला बदला है.

जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से बात की. केंद्रीय मंत्री ने इसे सिरे से खारिज करते हुए आश्वस्त किया कि गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग का मुख्यालय पटना में ही रहेगा. इसे हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है. जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग यानी जीएफजीसी जल संसाधन मंत्रालय के अधीन आने वाला कार्यालय है. इसका मुख्यालय पटना में ही रहेगा. साल 1972 में इसकी स्थापना हुई थी और तब से मुख्यालय यहीं पर है. बाढ़ प्रबंधन की योजनाओं में आयोग की अहम भूमिका होती है. पटना में मुख्यालय रखने के पीछे बड़ी वजह यह है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र बिहार में सबसे ज्यादा है. 76% राज्य की आबादी बाढ़ से प्रभावित होती है. मुख्यालय को पटना से लखनऊ ले जाने का बाढ़ प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

उधर बाढ़ नियंत्रण आयोग के चेयरमैन एन एस्से ढिल्लों ने भी ऐसी किसी बात से इंकार किया है. उन्होंने कहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव सामने आया ही नहीं कि पटना से मुख्यालय को हटाकर लखनऊ ले जाए जाए. कोई भी प्रस्ताव मेरे पास आएगा तो उसमें कारण की भी चर्चा होगी लेकिन ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया. खबर आई थी कि गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग का मुख्यालय पटना से लखनऊ शिफ्ट किया जा सकता है, जिसके बाद राज्य सरकार हरकत में आई. राज्य सरकार के मंत्री संजय झा ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल केंद्र सरकार से बातचीत कर सारा कंफ्यूजन दूर कर दिया.