पटना: बिहार के युवाओं के लिए रोजगार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पटना में आयोजित पांच दिवसीय मेगा रोजगार मेले के समापन के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब अगले साल से बिहार के हर जिले में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा, ताकि युवाओं को नौकरी की तलाश में बार-बार पटना या दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
पटना के ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक आयोजित रोजगार मेले में देश-विदेश की कुल 115 कंपनियों ने हिस्सा लिया। मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने पहुंचकर अलग-अलग कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन और इंटरव्यू दिए। सरकार के अनुसार, इस दौरान 20,226 युवाओं का चयन रोजगार के लिए किया गया।
विदेशों में भी मिला रोजगार का मौका
रोजगार मेले की खास बात यह रही कि चयनित युवाओं को सिर्फ बिहार या देश के दूसरे राज्यों में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी काम करने का अवसर मिला। आंकड़ों के मुताबिक, 3,940 युवाओं का चयन बिहार में, जबकि 476 युवाओं का चयन विदेशों में रोजगार के लिए हुआ। वहीं बड़ी संख्या में युवाओं को देश के अन्य राज्यों की कंपनियों में नौकरी मिली। इस रोजगार मेले में दिव्यांग युवाओं को भी अवसर दिया गया। करीब 36 दिव्यांग अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न कंपनियों में नौकरी के लिए हुआ। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
अब हर जिले में नौकरी का मंच
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अभी तक रोजगार मेले मुख्य रूप से राज्य और प्रमंडल स्तर पर आयोजित किए जाते थे। अब सरकार की योजना को जिला स्तर तक पहुंचाने की तैयारी है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में युवाओं को अपने जिले में ही कंपनियों से मिलने, इंटरव्यू देने और नौकरी पाने का अवसर मिल सकेगा। सरकार का लक्ष्य रोजगार के अवसरों को स्थानीय स्तर पर बढ़ाना है, ताकि युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे शहरों में पलायन न करना पड़े।
तकनीकी शिक्षा और भाषा प्रशिक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है। इसके साथ ही युवाओं के लिए लैंग्वेज क्लास की सुविधा पर जोर दिया जा रहा है, जिससे वे विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का भी लाभ उठा सकें। सरकार का दावा है कि तकनीकी शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल तैयार किया जा रहा है। इससे युवाओं को पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने में आसानी होगी।
पांच साल में एक करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। सरकार की कोशिश है कि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए मजबूरी में दूसरे राज्यों या देशों की ओर नहीं जाना पड़े। कार्यक्रम के दौरान पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उनका कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
कौशल प्रतियोगिता के युवाओं का सम्मान
कार्यक्रम में विश्व कौशल प्रतियोगिता-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले बिहार के युवाओं के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। शंघाई में आयोजित प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले युवाओं के परिवारों को पुरस्कार राशि के चेक दिए गए।
कुल मिलाकर पटना का रोजगार मेला बिहार के युवाओं के लिए नए अवसरों का संकेत दे गया है। अब सबसे बड़ी उम्मीद अगले साल होने वाले जिला स्तरीय रोजगार मेलों से है। अगर कंपनियों की भागीदारी और नौकरी के अवसर इसी तरह बढ़ते हैं, तो राज्य के हजारों युवाओं को अपने घर के आसपास ही रोजगार पाने का मौका मिल सकता है।





