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Begusarai Flood: रात में बढ़ा पानी का दबाव, सुबह टूटा जमींदारी बांध... बेगूसराय के बछवाड़ा में गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Begusarai Flood News: बेगूसराय के बछवाड़ा में झमटिया घाट के पास गंगा बाया नदी का जमींदारी बांध टूट गया। कई गांवों में पानी फैलने से हजारों लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

Begusarai Flood: रात में बढ़ा पानी का दबाव, सुबह टूटा जमींदारी बांध... बेगूसराय के बछवाड़ा में गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

बेगूसराय : बिहार में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और अब बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड से बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार की सुबह झमटिया घाट के समीप गंगा बाया नदी का जमींदारी बांध टूट गया। बांध टूटते ही पानी ने तेजी से आसपास के इलाकों की ओर फैलना शुरू कर दिया, जिससे कई गांवों और हजारों लोगों के सामने बाढ़ का खतरा खड़ा हो गया है।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है और कई स्थानों पर लोगों के घरों तक पानी पहुंचने की खबर है। ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और बांध की मरम्मत में लगी हुई है।

रात में पेट्रोलिंग के बाद सुबह टूटा बांध

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांध पर पहले से ही पानी का भारी दबाव बना हुआ था। विभाग की टीम रात करीब 12 से 1 बजे के बीच बांध की पेट्रोलिंग कर स्थिति का जायजा ले रही थी। इसके बाद करीब 3 बजे बांध के कमजोर होने और पानी का दबाव बढ़ने की सूचना मिली।

हालांकि, पानी का दबाव लगातार बढ़ता गया और आखिरकार जमींदारी बांध का एक हिस्सा टूट गया। बांध टूटते ही नदी का पानी तेजी से बाहर निकलने लगा और आसपास के खेतों तथा निचले इलाकों में फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही बछवाड़ा के अंचल अधिकारी प्रीतम कुमार गौतम, बीडीओ डॉ. अमित कुमार, जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार, जेई और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारी बांध की मरम्मत और पानी के बहाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।

रानी पंचायतों में बिगड़ने लगे हालात

बांध टूटने का सबसे ज्यादा असर आसपास की पंचायतों पर दिखाई देने लगा है। रानी-1 पंचायत के बड़े इलाके में कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों में खड़ी फसलों पर बाढ़ का पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रानी-2 पंचायत में भी कई खेत पानी में डूब गए हैं। वहीं रानी-3 पंचायत में हालात अधिक गंभीर बताए जा रहे हैं। यहां पानी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है और कई जगहों पर लोगों के घरों तक पहुंच गया है।

ग्रामीणों के सामने अब सबसे बड़ी चिंता अपने परिवार और मवेशियों को सुरक्षित रखने की है। कई लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। गांवों में पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोग लगातार प्रशासन से राहत और बचाव की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।

गंगा का जलस्तर पहले से बढ़ा रहा था चिंता

बेगूसराय में गंगा का बढ़ता जलस्तर पहले से ही प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ था। रविवार को हाथीदह में गंगा का जलस्तर 42.39 मीटर दर्ज किया गया था। यह खतरे के निशान से करीब 0.63 मीटर ऊपर बताया गया।

ऐसे में नदी के बढ़ते दबाव के कारण झमटिया घाट के समीप जमींदारी बांध कमजोर होता गया। अब बांध टूटने के बाद स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। यदि गंगा और गंगा बाया नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो आसपास के इलाकों में बाढ़ का संकट और गहरा सकता है।

खेतों से लेकर घरों तक पहुंच रहा पानी

बांध टूटने के बाद पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है। पहले खेतों और निचले इलाकों में पहुंचा पानी अब आबादी वाले क्षेत्रों के लिए भी खतरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर पानी की रफ्तार काफी तेज है। कृषि क्षेत्र में बाढ़ का पानी पहुंचने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। धान और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा गांवों की सड़कें और संपर्क मार्ग भी प्रभावित होने लगे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले परिवार सबसे ज्यादा चिंता में हैं। पानी का स्तर बढ़ने पर कई घर पूरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों के आने-जाने में भी परेशानी शुरू हो गई है।

प्रशासन के सामने बड़ी राहत-बचाव चुनौती

बांध टूटने के बाद प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है। पहली चुनौती पानी के बहाव को आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने से रोकना और दूसरी चुनौती प्रभावित परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नाव, राहत सामग्री और सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था करने की मांग की है। अगर पानी का फैलाव तेज हुआ तो बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ सकते हैं। अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग की ओर से कमजोर हिस्सों को मजबूत करने और टूटे बांध की मरम्मत का प्रयास किया जा रहा है।

आने वाले कुछ घंटे बेहद अहम

झमटिया घाट और बछवाड़ा के आसपास के इलाकों में फिलहाल लोगों की नजर पानी के स्तर पर टिकी हुई है। ग्रामीणों में डर है कि अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो बाढ़ का दायरा और फैल सकता है। बांध टूटने के बाद हालात तेजी से बदल रहे हैं। प्रशासन राहत और बचाव की तैयारी में जुटा है, जबकि ग्रामीण अपने परिवार, मवेशियों और जरूरी सामान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन टूटे हुए बांध की मरम्मत कितनी जल्दी कर पाता है और पानी के बढ़ते बहाव को आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने से कितना रोक पाता है। आने वाले कुछ घंटे बछवाड़ा और आसपास के गांवों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।