1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 02, 2026, 11:37:11 AM
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Bihar News : बिहार की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस बीच जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव भगवान सिंह कुशवाहा ने पार्टी का स्टैंड साफ करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अधिकृत कर दिया गया है और वही अंतिम निर्णय लेंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।
भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के भीतर सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि तय तारीख तक सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। “6 तारीख तक डेट है, सब कुछ ठीक-ठाक हो जाएगा,” उन्होंने कहा। उनके मुताबिक, जेडीयू में उम्मीदवारों की कोई कमी नहीं है और पार्टी पूरी तरह से सक्षम है कि अपने प्रतिनिधि को राज्यसभा भेज सके।
इस दौरान जब उनसे यह सवाल पूछा गया कि क्या निशांत कुमार विधायकों और सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं, तो उन्होंने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “कौन कह रहा है कि निशांत कुमार विधायक-सांसद से मिल रहे हैं? हम भी तो विधायक हैं, कहां हमसे मिलने आए हैं?” उन्होंने इसे मीडिया की अटकलें बताते हुए कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
भगवान सिंह कुशवाहा ने दो टूक शब्दों में कहा कि नीतीश कुमार का फैसला सर्वमान्य होगा। “खाता ना बही, नीतीश कुमार जिसको बोलेंगे वही सही,” उन्होंने कहा। इससे साफ संकेत मिला कि जेडीयू में अंतिम निर्णय का अधिकार पूरी तरह मुख्यमंत्री के पास है और पार्टी उनके फैसले के साथ एकजुट रहेगी।
इधर उपेंद्र कुशवाहा को लेकर भी सवाल उठे कि क्या वे एनडीए की ओर से राज्यसभा जाएंगे। इस पर भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा का भाजपा के साथ समझौता है, जेडीयू के साथ नहीं। “हमारे यहां कैंडिडेट का अभाव थोड़े ही है। अगर भेजना होगा तो अपनी पार्टी का भेजेंगे,” उन्होंने स्पष्ट किया। उनके इस बयान से यह संकेत मिला कि जेडीयू अपनी राजनीतिक रणनीति स्वतंत्र रूप से तय करेगी।
चिराग पासवान द्वारा अपने विधायकों की बैठक बुलाए जाने के सवाल पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान भी उम्मीदवार दे सकते हैं, क्योंकि उनके पास 19 विधायकों की संख्या है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा और जेडीयू को छोड़कर किसी भी दल के पास अपने दम पर उम्मीदवार भेजने की संख्या नहीं है।
वहीं जीतन राम मांझी को लेकर पूछे गए सवाल पर भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि लोग बातें करते रहते हैं, लेकिन हर दल अपनी रणनीति के अनुसार फैसला करता है। उन्होंने संकेत दिया कि अंतिम निर्णय भाजपा के स्तर पर होगा कि किसे समर्थन दिया जाए।
कुल मिलाकर, जेडीयू ने यह साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी में कोई भ्रम की स्थिति नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अधिकृत किया जा चुका है और वही सभी से राय-मशविरा कर अंतिम फैसला लेंगे। अब सबकी निगाहें 6 तारीख पर टिकी हैं, जब तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है।