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बिहार जाति गणना : अब वाहनों और आवास के लिए भी तय हुआ कोड, जानिए अपना नंबर

PATNA: जाति आधारित गणना के माध्यम से राज्य सरकार लोगों के रहन-सहन की स्थिति भी पता करेगी। राज्य सरकार के तरफ से आव

बिहार जाति गणना : अब वाहनों और आवास के लिए भी तय हुआ कोड, जानिए अपना नंबर
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA: जाति आधारित गणना के माध्यम से राज्य सरकार लोगों के रहन-सहन की स्थिति भी पता करेगी। राज्य सरकार के तरफ से आवासहीन और बेघर रहने वाले परिवारों की जानकारी इकट्ठा की जाएगी। इसके अलावा बिहार के कितने घरों में मोटर वाहन और अन्य सुविधाएं हैं इसकी भी जानकारी ली जाएगी।


दरअसल, जाति आधारित जनगणना को लेकर तैयार किए जा रहे कोड में राज्य के अंदर आवास हीन और मोटरसाइकिल रखने वाले लोगों के लिए भी कोड तैयार किया गया है। इसके मुताबिक जिस परिवार के पास घर नहीं है या रहने को कोई स्थाई जगह निर्धारित नहीं हो ऐसे परिवार को आवास इन की श्रेणी में रखा जाएगा इसके लिए जातिगत जनगणना में कोड 5 तय किया गया है। इन परिवारों की गिनती के दौरान प्रगणक ऐसे परिवारों को आवासहीन की श्रेणी में रखेंगे।


इसके साथ ही फुटपाथ पर, स्टेशन या धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक आदि टांग कर रहनेवाले लोग भी बेघर परिवार की श्रेणी में आयेंग। ऐसे लोग वासहीन की श्रेणी में शामिल होंगे। वहीं, जातिगणना में लोगों के पक्के मकान, खपरैल, झोंपड़ी को लेकर भी कोड निर्धारित किया है। पक्के मकान के अधीन वैसे मकानों को रखा गया है, जो ईंट, पत्थर, सीमेंट, कंक्रीट आदि से बनायी गयी हो। 


इसके साथ ही साथ परिवारों के सर्वे के दौरान मकान में रसोईघर व शौचालय छोड़कर आवासीय व घरेलू उपयोग के लिए कमरे की संख्या अंकित होगी। इसके लिए कोड एक व दो रखा गया है। खपरैल/टीन वाले छत की श्रेणी में मकान की छत लोहे की शीट, एस्बेस्टस की शीट, पकाये गये खपड़े, टीन की छत, लोहे की ट्रस या ग्रील पर लगायी गयी शीट आदि के मकान को इस श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा झोंपड़ी की श्रेणी में घर में उसका छत घास, पुआल, बांस, लकड़ी, मिट्टी आदि से तैयार घर आयेगा।


मकानों की गिनती को लेकर राज्य सरकार की तरफ से जो कोड तय किया गया है उसके मुताबिक पक्का मकान दो या दो से अधिक कमरा के लिए 01, पक्का मकान एक कमरा 02, खपरैल/टीन छत- 03, झोंपड़ी - 04 और आवासहीन को कोड 05 दिया गया है।