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बिहार सरकार का बड़ा फैसला! अब घर बैठे करा सकेंगे जमीन की रजिस्ट्री, बुजुर्ग और मरीजों को फायदा

बिहार में जमीन रजिस्ट्री को लेकर लोगों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। अब कुछ विशेष परिस्थितियों में लोगों को निबंधन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। आखिर यह सुविधा किन लोगों को मिलेगी और इसकी प्रक्रिया क्या है, जानिए पूरी खबर...

बिहार सरकार का बड़ा फैसला! अब घर बैठे करा सकेंगे जमीन की रजिस्ट्री, बुजुर्ग और मरीजों को फायदा
Ramakant kumar
4 मिनट

बिहार में अब गंभीर रूप से बीमार, बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. राज्य सरकार ने ऐसी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत पात्र लोग अपने घर, अस्पताल या निवास स्थान पर ही जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे. यह सुविधा रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 38 के तहत उपलब्ध है और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.


आमतौर पर जमीन की रजिस्ट्री के लिए खरीदार, विक्रेता और गवाहों को निबंधन कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता है. लेकिन यदि कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी, बुजुर्ग होने या शारीरिक अक्षमता के कारण कार्यालय नहीं पहुंच सकता, तो वह इस विशेष सुविधा का लाभ उठा सकता है. आवेदन और सत्यापन के बाद निबंधन विभाग के अधिकारी स्वयं लाभुक के घर या अस्पताल पहुंचकर पूरी प्रक्रिया पूरी करते हैं.


घर पर ही दस्तावेजों की जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान की प्रक्रिया पूरी की जाती है. अधिकारी यह भी सुनिश्चित करते हैं कि संबंधित व्यक्ति अपनी स्वेच्छा से दस्तावेज का निष्पादन कर रहा है. इस तरह की गई रजिस्ट्री कानूनी रूप से पूरी तरह वैध होती है और उसकी मान्यता कार्यालय में हुई रजिस्ट्री के समान होती है.


निबंधन विभाग के अनुसार यह सुविधा सभी लोगों के लिए नहीं है. इसका लाभ केवल उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो वास्तव में निबंधन कार्यालय आने में असमर्थ हैं. आवेदन मिलने के बाद विभागीय स्तर पर जांच और सत्यापन किया जाता है. संबंधित व्यक्ति की स्थिति की पुष्टि होने के बाद ही घर जाकर रजिस्ट्री की अनुमति दी जाती है, ताकि इस सुविधा का किसी भी तरह से दुरुपयोग न हो.


इस व्यवस्था के तहत दो तरह की सेवाएं उपलब्ध हैं. यदि दस्तावेज पहले से निबंधन कार्यालय में जांचे जा चुके हों और केवल अंतिम प्रक्रिया घर पर करनी हो, तो इसके लिए 1,000 रुपये का अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं यदि पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया घर पर ही करानी हो, तो 7,000 रुपये का शुल्क देना होगा. इस दौरान अधिकारी आवश्यक उपकरणों के साथ मिनी निबंधन कार्यालय लेकर लाभुक के घर पहुंचते हैं और वहीं पूरी प्रक्रिया संपन्न कराते हैं.


आंकड़ों के अनुसार इस सुविधा का लाभ लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. भभुआ अवर निबंधन कार्यालय के अनुसार वर्ष 2022 में 14 लोगों, 2023 में 11, 2024 में 7 और 2025 में 20 लोगों ने घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा का लाभ उठाया. वहीं वर्ष 2026 में अब तक 9 मामलों में यह सेवा उपलब्ध कराई जा चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि आगे भी पात्र और जरूरतमंद लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलता रहेगा.


उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस सुविधा की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार और असहाय लोगों को राहत पहुंचाना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ और जनहितैषी बनाना है.