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बिहार में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का ब्लूप्रिंट तैयार, सत्यापन के बाद होगा भूमि अधिग्रहण; DM को सौंपी गई अहम जिम्मेवारी

Bihar satellite township: बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप योजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. राज्य के 11 शहरों के आसपास आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी. इसको लेकर डीएम को अहम जिम्मेवारी सौंपी गई है.

Bihar satellite township
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar satellite township: राजधानी पटना समेत राज्य के 11 शहरों के आसपास प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। क्षेत्र चिन्हित किए जाने के बाद अगला बड़ा कदम भूमि मालिकों की पहचान और जमीन अधिग्रहण का होगा।


सत्यापन के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया

बिहार शहरी आयोजना स्कीम नियमावली के अनुसार, भूमि का सत्यापन पूरा होने के बाद ही भूस्वामियों से जमीन ली जाएगी। इस दौरान स्वामित्व दस्तावेज, भूमि विवरण और अन्य जरूरी कागजातों की गहन जांच की जाएगी। साथ ही भूमि मालिकों की कुल संख्या और योजना के तहत स्वीकृत भूमि प्रतिशत का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इस प्रक्रिया में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा उत्पाद एवं निबंधन विभाग से परामर्श लिया जाएगा।


डेवेलपर्स चयन और निगरानी व्यवस्था

सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए डेवेलपर्स का चयन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी नगर विकास विभाग द्वारा नामित विकास प्राधिकार को दी जाएगी। परियोजना की निगरानी के लिए एक सलाहकार समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिले के जिलाधिकारी करेंगे। यह समिति योजना के क्रियान्वयन, टाउनशिप की सीमाओं पर सुझाव और जन सुविधाओं की निगरानी का कार्य करेगी। टाउनशिप विकास के बाद भूमि पुनर्वितरण से जुड़े निर्णय भी इसी समिति के माध्यम से लिए जाएंगे।


समिति की भूमिका और सदस्य

इस समिति में नगर निकायों के मुख्य नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर नियोजक, भू-अर्जन पदाधिकारी और संबंधित अंचल अधिकारी सदस्य होंगे। इसके अलावा पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, भवन निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उत्पाद एवं निबंधन, पर्यावरण एवं वन, ग्रामीण विकास, उद्योग तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। योजना प्राधिकार द्वारा नियुक्त पदाधिकारी सदस्य सचिव होंगे।


आपत्ति और सुझाव की प्रक्रिया

परियोजना के तहत नामित प्राधिकार भूमि मालिकों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक करेगा। इसके बाद राजपत्र में प्रकाशन के दो महीने के भीतर आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रारूप योजना में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। भूमि मालिकों की आपत्तियों के निस्तारण के लिए ट्रिब्यूनल की भी व्यवस्था की गई है।


शहरी विकास को मिलेगा नया आयाम

सरकार का मानना है कि इस योजना से पटना सहित अन्य शहरों के आसपास आधुनिक टाउनशिप विकसित होंगे, जिससे शहरी विकास को नया स्वरूप मिलेगा और आवासीय व बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता