ब्रेकिंग
बिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त, 1000 खनन सिपाहियों की होगी भर्ती; खनिज वाहनों पर GPS अनिवार्यबिहार के इन जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा; बागमती खतरे के निशान से ऊपर, गंडक और बूढ़ी गंडक भी उफान परमिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में करोड़ों का खेल? पूर्व सचिव ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप, नियुक्तियों पर भी उठे सवालBihar teacher news : बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी! TRE-1, 2 और 3 के वेतन पर आया बड़ा अपडेट, शिक्षा विभाग ने जारी किया अंतिम अल्टीमेटमक्या मार्च में शादी करेंगे निशांत कुमार? महिला पत्रकार के सवाल पर आया ऐसा रिएक्शन, VIDEO वायरलबिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त, 1000 खनन सिपाहियों की होगी भर्ती; खनिज वाहनों पर GPS अनिवार्यबिहार के इन जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा; बागमती खतरे के निशान से ऊपर, गंडक और बूढ़ी गंडक भी उफान परमिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में करोड़ों का खेल? पूर्व सचिव ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप, नियुक्तियों पर भी उठे सवालBihar teacher news : बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी! TRE-1, 2 और 3 के वेतन पर आया बड़ा अपडेट, शिक्षा विभाग ने जारी किया अंतिम अल्टीमेटमक्या मार्च में शादी करेंगे निशांत कुमार? महिला पत्रकार के सवाल पर आया ऐसा रिएक्शन, VIDEO वायरल

बिहार के सरकारी स्कूलों में नामांकन के आधार पर तय होंगे शिक्षकों के पद, नई गाइडलाइन जारी

Bihar Education News: बिहार के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में अब शिक्षकों की संख्या छात्रों के वास्तविक नामांकन, कक्षा संरचना और विषयगत आवश्यकता के आधार पर तय की जाएगी। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने नई गाइडलाइन जारी की है।

Bihar Education News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Education News: बिहार के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में अब शिक्षकों की संख्या बच्चों के वास्तविक नामांकन, कक्षा संरचना और विषयगत आवश्यकता के आधार पर निर्धारित की जाएगी। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है।


नई व्यवस्था के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक संचालित विद्यालयों में शिक्षक आवश्यकता निर्धारण के लिए कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 को अलग-अलग शैक्षणिक इकाई माना जाएगा। हालांकि, पूरे विद्यालय के लिए एक ही प्रधानाध्यापक नियुक्त रहेगा।


निर्देश के अनुसार कक्षा 6 से 8 तक के लिए प्रत्येक विद्यालय में विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन और भाषा (सामान्यतः हिंदी) विषय के कम-से-कम एक-एक शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य होगी। इसके अलावा नामांकन संख्या के आधार पर अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। 105 से 140 छात्रों के नामांकन पर चौथा अतिरिक्त शिक्षक अंग्रेजी विषय का होगा।


140 से 175 छात्रों के नामांकन पर पांचवां शिक्षक संस्कृत या उर्दू विषय का नियुक्त किया जाएगा। 175 से अधिक छात्रों के नामांकन होने पर आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शिक्षकों के पद स्वीकृत किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।


इधर, सोमवार को पटना विश्वविद्यालय में सांविधिक वेतन निर्धारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अजय सिंह ने की। बैठक में स्क्रीनिंग समिति द्वारा स्वीकृत 50 शिक्षकेतर कर्मियों को एसीपी (ACP) और एमएसीपी (MACP) का लाभ प्रदान करते हुए परिणामी वेतन निर्धारण को मंजूरी दी गई।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता