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Bihar Viral News : समोसा खिलाया, आधार-पैन लिया और खुलवा दिए खाते! पुलिस जांच के बाद महिलाओं ने बैंक में काटा बवाल

बिहार के बाढ़ में मुफ्त अनाज देने का झांसा देकर दर्जनों महिलाओं के आधार-पैन से बैंक खाते खुलवाने का आरोप लगा है। संदिग्ध लेनदेन की जांच के बाद महिलाओं को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने बैंक पहुंचकर जमकर हंगामा किया।

Bihar Viral News : समोसा खिलाया, आधार-पैन लिया और खुलवा दिए खाते! पुलिस जांच के बाद महिलाओं ने बैंक में काटा बवाल
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

बाढ़ :  बिहार के बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड की कोंदी पंचायत से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें मुफ्त अनाज देने का झांसा देकर बैंक बुलाया गया, फिर समोसा खिलाकर उनके पैन कार्ड और आधार कार्ड ले लिए गए और उनके नाम पर बैंक खाते खोल दिए गए। महिलाओं का दावा है कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं दी गई।

मामला तब गंभीर हो गया, जब कथित तौर पर इन महिलाओं के नाम से खुले बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन की जांच के लिए पुलिस पहुंची। पुलिस की कार्रवाई के बाद महिलाओं को जानकारी मिली कि उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए हैं और इन खातों को लेकर जांच चल रही है। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं कथित एजेंट को लेकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बाढ़ शाखा पहुंचीं और बैंक परिसर में हंगामा करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की।

मुफ्त अनाज के नाम पर बैंक बुलाने का आरोप

ग्रामीण महिलाओं के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि एक एनजीओ की ओर से मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसी सिलसिले में उन्हें बैंक लाया गया। महिलाओं का आरोप है कि बैंक में उन्हें समोसा खिलाया गया और इस दौरान उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिए गए।

महिलाओं का कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि उनके नाम से बैंक में खाता खोला जा रहा है। बाद में उन्हें केवल एटीएम दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ समय बाद वह एटीएम भी वापस ले लिया गया। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें खाते से जुड़ी पूरी जानकारी, पासबुक या अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

पुलिस जांच के बाद महिलाओं को हुआ शक

मामला उस वक्त सामने आया जब कथित तौर पर पुलिस इन बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन की जांच के सिलसिले में पहुंची। महिलाओं को जब अपने नाम पर खुले खातों और उनमें हो रहे लेनदेन की जानकारी मिली तो वे परेशान हो गईं।ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उन्हें डर है कि कहीं उनके दस्तावेजों और बैंक खातों का गलत इस्तेमाल तो नहीं किया गया। कुछ महिलाओं ने खातों में हवाला या काले धन से जुड़े लेनदेन की आशंका भी जताई है। हालांकि, इन खातों में वास्तव में किस तरह का लेनदेन हुआ और उसका उद्देश्य क्या था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

एजेंट को पकड़कर बैंक पहुंचीं महिलाएं

मामले से नाराज दर्जनों महिलाएं कथित एजेंट को अपने साथ लेकर सेंट्रल बैंक की बाढ़ शाखा पहुंचीं। महिलाओं ने बैंक अधिकारियों से अपने-अपने खाते की जानकारी मांगी और खातों को बंद करने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि अगर उनके नाम पर बिना पूरी जानकारी दिए खाते खोले गए हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि उनके खातों में किसी तरह का संदिग्ध लेनदेन हुआ है या नहीं। ग्रामीण महिलाओं ने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि गरीब और कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को झांसा देकर उनके दस्तावेज लेने और बैंक खाता खुलवाने की प्रक्रिया की पूरी जांच होनी चाहिए।

एजेंट ने NGO का नाम लेकर बताई पूरी कहानी

मामले में सामने आए एजेंट बिन्देश्वर पासवान ने बताया कि उन्हें सीता मैडम नाम की महिला और एक एनजीओ की ओर से मुफ्त अनाज देने के लिए महिलाओं को बुलाने की बात कही गई थी। एजेंट के मुताबिक, इसी जानकारी के आधार पर ग्रामीण महिलाओं को बैंक लाया गया।

बिन्देश्वर पासवान ने दावा किया कि बाद में उनके साथ भी धोखाधड़ी की गई। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरुआत में इस तरह की किसी गड़बड़ी की जानकारी नहीं थी। हालांकि, पूरे मामले में किसकी भूमिका थी और महिलाओं के दस्तावेजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, यह जांच का विषय है।

बैंक खाते और दस्तावेजों के इस्तेमाल पर उठे सवाल

इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग दस्तावेजों के इस्तेमाल और साइबर/वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधार और पैन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज किसी भी बैंकिंग प्रक्रिया में बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में महिलाओं का आरोप है कि उन्हें खाते खोलने की वास्तविक प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन महिलाओं के नाम पर कितने खाते खोले गए, उन खातों में कितना और किस तरह का लेनदेन हुआ और एटीएम कार्ड किसके पास रहा। पुलिस और बैंक की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।फिलहाल ग्रामीण महिलाओं ने अपने बैंक खातों को बंद कराने और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले में महिलाओं के बयान और एजेंट के दावे के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।