ब्रेकिंग
राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनखेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म...16 मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय, कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहर,जानें...राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनखेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म...16 मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय, कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहर,जानें...

Bihar scheme : बिहार सरकार का बड़ा कदम, अब हर जिले के सरकारी अस्पताल होंगे सुपर स्पेशलिटी; गंभीर बीमारियों का इलाज भी होगा संभव

Bihar scheme : बिहार सरकार अगले पांच वर्षों में सरकारी अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी और स्पेशलिटी सुविधाओं से लैस करेगी, जिससे गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव होगा।

 Bihar scheme : बिहार सरकार का बड़ा कदम, अब हर जिले के सरकारी अस्पताल होंगे सुपर स्पेशलिटी; गंभीर बीमारियों का इलाज भी होगा संभव
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar scheme : बिहार सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत अगले पांच वर्षों में राज्य के सरकारी अस्पतालों को आधुनिक और बहु-विशेषज्ञ सुविधाओं से लैस करने का कार्य शुरू हो गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्यवासियों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत समाप्त करना और ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराना है।


योजना के अनुसार वर्ष 2025 से 2030 के बीच राज्य के 534 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को स्पेशलिटी हॉस्पिटल और 36 जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में विकसित किया जाएगा। इसका लाभ यह होगा कि मरीजों को समय पर और उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिलेगा। यह बदलाव केवल अस्पतालों की संरचना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता, आधुनिक जांच सुविधाओं, आईसीयू व्यवस्था और गंभीर बीमारियों के इलाज की उच्च स्तरीय सुविधाओं में भी सुधार होगा।


जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, डेंटिस्ट के अलावा कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजिशियन, यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट और इंडोक्रोनोलॉजिस्ट जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी। यहां नवजात शिशुओं के इलाज, उच्च स्तरीय प्रसव सुविधाओं, हार्ट, किडनी, दिमाग और मधुमेह जैसी जटिल बीमारियों का इलाज भी संभव होगा।


बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हर जिला अस्पताल में डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (DEIC) की स्थापना की जाएगी। यहां शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात और गंभीर बीमारियों की पहचान एवं इलाज समय पर किया जाएगा, जिससे बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और दिव्यांगता को शुरुआती स्तर पर रोका जा सकेगा।


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने के बाद प्रखंड स्तर पर भी क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, डाइटिशियन, डेंटल विशेषज्ञ, आयुष विशेषज्ञ, फिजिशियन और फार्मासिस्ट की सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही यूरोलॉजी, ईसीजी, ओटी और डेंटल तकनीशियन की तैनाती से मध्यम स्तर की जटिल बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा।


सभी जिला अस्पतालों में स्थापित DEIC का पटना स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से सीधा जुड़ाव रहेगा। इससे इलाज की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और सेवाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित होगी। प्रशिक्षण और शोध की व्यवस्था के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार होगा।


इस महत्वाकांक्षी योजना से बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। ग्रामीण और दूरदराज के इलाके के लोग अब बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करेंगे। इसके साथ ही बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय पर और विशेषज्ञ देखभाल मिलेगी। इस तरह बिहार अगले पांच वर्षों में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आधुनिकता और विशेषज्ञता के नए मानक स्थापित करने जा रहा है।