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Bihar jewellery news : हिजाब, नक़ाब, घूंघट और हेलमेट के साथ ज्वेलरी शॉप में नहीं मिलेगी एंट्री, फेस आईडेंटिफाई कर ही होगी खरीदारी

बिहार में सराफा कारोबारियों ने सुरक्षा को लेकर अहम निर्णय लिया है। अब राज्य की सभी सोना-चांदी की दुकानों में हिजाब, नक़ाब, घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं और हेलमेट या मुरेठा पहनकर आने वाले पुरुषों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

Bihar jewellery news : हिजाब, नक़ाब, घूंघट और हेलमेट के साथ ज्वेलरी शॉप में नहीं मिलेगी एंट्री, फेस आईडेंटिफाई कर ही होगी खरीदारी
Tejpratap
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Bihar jewellery news : बिहार में सराफा कारोबारियों ने सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब राज्य की सभी सोना-चांदी की दुकानों में हिजाब, नक़ाब, घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं और हेलमेट या मुरेठा पहनकर आने वाले पुरुषों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस फैसले के बाद कई दुकानों के बाहर स्पष्ट सूचना चस्पा कर दी गई है कि ऐसे पहनावे में किसी को भी दुकान में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।


सराफा कारोबारियों का कहना है कि यह निर्णय किसी विशेष समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखकर लिया गया है। बिहार के अलग-अलग जिलों में बीते कुछ समय से सराफा दुकानों में चोरी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई मामलों में अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे ढककर दुकानों में घुसते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में न केवल दुकानदारों की सुरक्षा खतरे में रहती है, बल्कि ग्राहकों की जान-माल की सुरक्षा भी गंभीर चुनौती बन गई है।


ऑल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने इस फैसले को लेकर बताया कि, “सराफा कारोबार हमेशा से अपराधियों के निशाने पर रहा है। हम यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा को ध्यान में रखकर ले रहे हैं। आए दिन दुकानों में लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं और चेहरे ढके होने के कारण अपराधियों की पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसीलिए हमने यह कदम उठाया है।”


सराफा एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राहक चाहें तो दुकान में प्रवेश करने से पहले अपना चेहरा दिखाकर या पहचान स्पष्ट करके खरीदारी कर सकते हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करना है, किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं। इससे न केवल दुकानदारों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि बाजार में भी एक सुरक्षित माहौल बनेगा।


बिहार के कई जिलों में बीते कुछ वर्षों में सराफा दुकानों में चोरी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अपराधी अक्सर चुपके से दुकान में घुसकर वारदात को अंजाम देते हैं। कई बार उनकी पहचान छिपी होती है और सीसीटीवी फुटेज में भी चेहरे स्पष्ट नहीं दिखाई देते। इसके कारण पुलिस के लिए अपराधियों की पहचान करना और उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में यह कदम दुकानदारों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा।


सराफा कारोबारियों का मानना है कि यह निर्णय ग्राहकों के लिए भी फायदेमंद होगा। दुकानदारों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा और ग्राहक बिना डर के अपने आभूषण की खरीदारी कर पाएंगे। अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि यह कदम सिर्फ और सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि इस फैसले का कोई धार्मिक या सामाजिक उद्देश्‍य नहीं है।


सुरक्षा के लिए उठाए गए इस कदम के बाद कई दुकानों ने अपने प्रवेश द्वार पर स्पष्ट सूचना लगा दी है कि हिजाब, नक़ाब, घूंघट, हेलमेट या मुरेठा पहनकर कोई भी व्यक्ति दुकान में प्रवेश नहीं कर सकता। ग्राहक अपनी पहचान दिखाकर और चेहरा स्पष्ट करके आसानी से खरीदारी कर सकते हैं। सराफा व्यवसायियों का कहना है कि इस फैसले से न केवल लूट की घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि दुकानों में काम कर रहे कर्मचारियों और ग्राहकों को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। इससे व्यापार में भी विश्वास बढ़ेगा और बाजार में एक सुरक्षित माहौल कायम होगा।


हालांकि कुछ लोगों ने इस कदम को लेकर आपत्ति जताई है, लेकिन कारोबारियों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय है। सराफा एसोसिएशन का कहना है कि किसी भी ग्राहक की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं का कोई नुकसान नहीं किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ग्राहक अपने चेहरे को दिखाकर या पहचान स्पष्ट करके खरीदारी कर सकते हैं। बिहार में सराफा कारोबारियों द्वारा यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा उपायों के कड़े होने से अपराधियों पर अंकुश लग सकता है और दुकानों में चोरी-लूट की घटनाओं में कमी आ सकती है। इस कदम से राज्य में सराफा बाजार में एक सुरक्षित और विश्वासपूर्ण माहौल तैयार होने की उम्मीद है।


अशोक कुमार वर्मा ने अंत में कहा कि सराफा व्यवसायियों का प्राथमिक उद्देश्य दुकानदारों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी से अपील की है कि वे इस निर्णय को समझें और सुरक्षा के इस कदम का समर्थन करें। उनका मानना है कि यह कदम न केवल दुकानदारों, बल्कि पूरे सराफा व्यवसाय और ग्राहकों के हित में है। इस प्रकार बिहार में सराफा दुकानों में हिजाब, नक़ाब, घूंघट, हेलमेट और मुरेठा पहनकर प्रवेश वर्जित करने का निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है और इसे राज्य भर में लागू किया जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि इससे अपराधियों की हरकतों पर रोक लगेगी और बाजार में खरीदारी का सुरक्षित माहौल बनेगा।