ब्रेकिंग
शपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनल

Bihar electricity : बिहार में मुफ्त बिजली के बाद बढ़ी साइबर ठगी, विभाग ने जारी किया टोल फ्री नंबर;जानिए क्या मिलेगा फायदा

Bihar electricity : बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली के बाद फर्जी कॉल और मैसेज बढ़ गए हैं। ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं को साइबर ठगी से सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

Bihar electricity : बिहार में मुफ्त बिजली के बाद बढ़ी साइबर ठगी, विभाग ने जारी किया टोल फ्री नंबर;जानिए क्या मिलेगा फायदा
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar electricity : बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली सुविधा लागू होने के बाद से बिजली उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल, मैसेज और ऐप के माध्यम से ठगी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए बिहार ऊर्जा विभाग ने टोल-फ्री नंबर जारी किया है, ताकि उपभोक्ता किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की शिकायत आसानी से दर्ज करा सकें।


ऊर्जा विभाग ने कहा है कि बिजली कटने या बकाया भुगतान के नाम पर आए किसी भी फर्जी कॉल या संदेश पर विश्वास न करें। विभाग की ओर से किसी भी आधिकारिक संदेश में किसी पदाधिकारी या कर्मचारी का निजी मोबाइल नंबर नहीं होता। यदि किसी संदेश में मोबाइल नंबर दिया गया हो तो उस पर संपर्क न करें।


बिजली कटने से संबंधित आधिकारिक संदेशों में हमेशा उपभोक्ता खाता संख्या और बकाया राशि का विवरण रहता है, जबकि बिजली कटने का समय कभी नहीं लिखा जाता। विभाग केवल एसबीपीडीसीएल या एनबीपीडीसीएल सेंडर आईडी से ही संदेश भेजती है।


बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर सपोर्टिंग ऐप के नाम पर रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। इसके जरिए उपभोक्ताओं के मोबाइल को नियंत्रित कर पैसे की ठगी की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आधिकारिक ऐप और माध्यमों का ही उपयोग करें।


आधिकारिक ऐप्स की जानकारी:

स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं के लिए सुविधा ऐप

साउथ बिहार के उपभोक्ताओं के लिए: बिहार बिजली स्मार्ट मीटर ऐप, ऊर्जा स्मार्ट मीटर ऐप

नॉर्थ बिहार के उपभोक्ताओं के लिए: बिहार बिजली स्मार्ट मीटर ऐप, विद्युत स्मार्ट मीटर ऐप, स्मार्ट कनेक्ट, सरल स्मार्ट मीटर ऐप, सुगम स्मार्ट मीटर ऐप


इनके अलावा कोई अन्य ऐप अधिकृत नहीं है। विभाग ने कहा कि केवल उपरोक्त ऐप्स, आधिकारिक वेबसाइट (sbpdcl.co.in या nbpdcl.co.in) और सुरक्षित ऑनलाइन माध्यम जैसे Google Pay, Paytm और PhonePe के जरिए ही रिचार्ज करें।


साइबर ठगी या संदिग्ध संदेश मिलने पर उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 155260, 1930 या 0612-2215142 पर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा एनबीपीडीसीएल या एसबीपीडीसीएल के नाम से आए किसी भी फर्जी मैसेज या कॉल पर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है।


ऊर्जा विभाग ने चेताया कि फर्जी कॉल और मैसेज में अक्सर तत्काल भुगतान या धमकी का दबाव बनाया जाता है। उपभोक्ताओं को ऐसे संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और न ही कोई संवेदनशील जानकारी साझा करनी चाहिए। केवल आधिकारिक ऐप, वेबसाइट और सुरक्षित ऑनलाइन माध्यमों का ही उपयोग करें।


बिहार में मुफ्त बिजली योजना ने लाखों परिवारों को राहत दी है, लेकिन इसी के साथ साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में टोल-फ्री नंबर के जरिए शिकायत दर्ज कराना उपभोक्ताओं के लिए सबसे आसान और सुरक्षित उपाय है। विभाग लगातार इस पर निगरानी रख रहा है और समय-समय पर चेतावनी जारी करता रहेगा।


उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह:


केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का उपयोग करें।


संदिग्ध कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें।


टोल-फ्री नंबर 155260, 1930 या 0612-2215142 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।


किसी भी फर्जी लिंक पर क्लिक न करें और निजी जानकारी साझा न करें।


टोल-फ्री नंबर के माध्यम से उपभोक्ता अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं और साइबर ठगी से बचाव सुनिश्चित कर सकते हैं।

संबंधित खबरें