Bihar Four Lane Road : बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। जहानाबाद जिले के हुलासगंज से पटना जिले के फतुहा तक जाने वाली महत्वपूर्ण टू-लेन सड़क को अब फोरलेन में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सड़क के चौड़ीकरण को विभागीय मंजूरी मिल गई है और इसके लिए स्वीकृति पत्र भी जारी कर दिया गया है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद न सिर्फ यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी, बल्कि पटना, जहानाबाद, नालंदा और गया जिले के लाखों लोगों की आवाजाही पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी। करीब 60 किलोमीटर लंबे इस रूट पर सफर का समय घटेगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
फतुहा से हुलासगंज तक बनेगी फोरलेन सड़क
जानकारी के मुताबिक, जिस सड़क को फोरलेन में बदलने की मंजूरी मिली है, वह फतुहा से हुलासगंज होते हुए आगे गयाजी तक जाती है। हालांकि पहले चरण में फतुहा से जहानाबाद जिले के हुलासगंज तक सड़क को फोरलेन बनाने की योजना पर काम होगा। यह सड़क बिहार के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ती है। वर्तमान में इस रूट पर टू-लेन सड़क होने के कारण कई जगहों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ जाता है। खासकर बाजार क्षेत्रों में जाम की स्थिति यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती है।
चार जिलों के लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
यह सड़क पटना, नालंदा, जहानाबाद और गया जिले के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हर दिन हजारों की संख्या में छोटी-बड़ी गाड़ियां इस मार्ग से गुजरती हैं। गयाजी से पटना आने-जाने वाले यात्रियों के अलावा जहानाबाद और नालंदा के लोग भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। इस रूट से बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी रोजाना पटना समेत अन्य शहरों तक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क के फोरलेन बनने से यात्रा आसान और तेज होने की उम्मीद है।
बाजारों में जाम से मिलेगी राहत
फतुहा से हुलासगंज के बीच कई बड़े बाजार आते हैं, जहां अक्सर जाम की समस्या देखने को मिलती है। हालांकि, इस्लामपुर को छोड़कर एकंगरसराय, हिलसा और दनियावां जैसे इलाकों में बायपास का निर्माण हो चुका है, जिससे काफी हद तक जाम की समस्या कम हुई है। वहीं, इस्लामपुर और हुलासगंज अभी भी ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में फोरलेन सड़क के साथ अगर इन इलाकों में बायपास का निर्माण होता है तो लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद
टू-लेन सड़क होने के कारण कई बार वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। खासकर भारी वाहनों और यात्री वाहनों के अधिक आवागमन के कारण परेशानी बढ़ती है। फोरलेन सड़क बनने के बाद वाहनों को ज्यादा जगह मिलेगी। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है।
लंबे समय से हो रही थी फोरलेन बनाने की मांग
स्थानीय लोगों की ओर से इस सड़क को फोरलेन बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। लोगों का कहना था कि बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए अब इस सड़क का चौड़ीकरण जरूरी हो गया है। अब विभागीय मंजूरी मिलने के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण परियोजना पर काम शुरू होगा। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद पटना से जहानाबाद और गयाजी की यात्रा पहले से ज्यादा सुगम हो जाएगी।
बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
बिहार में लगातार सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। फोरलेन परियोजनाएं न सिर्फ शहरों के बीच दूरी कम कर रही हैं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दे रही हैं।हुलासगंज-फतुहा फोरलेन परियोजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद दक्षिण बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी पटना से और मजबूत हो जाएगी।





