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बिहार में अभी नहीं टला बाढ़ का खतरा, गंगा समेत कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। गंगा समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं पुनपुन और बागमती के बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों की चिंता बढ़ा दी है।

Bihar Flood
Mukesh Srivastava
5 मिनट

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। गंगा नदी सोमवार सुबह तक राज्य के कई प्रमुख जलमापक केंद्रों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, गंगा के अधिकांश घाटों और केंद्रों पर जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। वहीं, पुनपुन और बागमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है।



जल संसाधन विभाग के सोमवार सुबह छह बजे के आंकड़ों के अनुसार, पटना के दीघा में गंगा का जलस्तर 50.81 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 50.45 मीटर से 0.36 मीटर ऊपर है। गांधी घाट पर नदी 49.61 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 1.01 मीटर अधिक है।



इसी तरह हथिदह में गंगा का जलस्तर 42.82 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 41.76 मीटर से 1.06 मीटर ऊपर है। मुंगेर में 39.38 मीटर, भागलपुर में 34.18 मीटर और कहलगांव में 32.49 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। इन स्थानों पर गंगा खतरे के निशान से क्रमश: 0.05 मीटर, 0.50 मीटर और 1.40 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि, इन प्रमुख केंद्रों पर पानी घटने का रुख बना हुआ है। फरक्का में भी गंगा का जलस्तर 23.80 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 22.25 मीटर से 1.55 मीटर अधिक है।



पटना के घाटों पर भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं

पटना शहर और आसपास के घाटों पर गंगा का जलस्तर अभी सामान्य स्थिति में नहीं पहुंचा है। बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायता केंद्र के सुबह छह बजे के आंकड़ों के अनुसार, गांधीघाट पर जलस्तर 49.61 मीटर, दीघाघाट पर 50.81 मीटर, बांकाघाट पर 48.59 मीटर और पंडारक में 43.08 मीटर दर्ज किया गया। हथिदह में 42.82 मीटर, मुंगेर में 39.38 मीटर, सुल्तानगंज में 36.21 मीटर, भागलपुर में 34.18 मीटर, कहलगांव में 32.49 मीटर और साहेबगंज में 28.63 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया।



वहीं, बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.42 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 60.32 मीटर से 0.90 मीटर नीचे है। हालांकि, यहां पानी चेतावनी स्तर से ऊपर बना हुआ है। वाराणसी में जलस्तर 68.47 मीटर और प्रयागराज में 80.01 मीटर दर्ज किया गया, जहां नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। इन दोनों केंद्रों पर भी जलस्तर में कमी का रुख है, जिसे आने वाले दिनों के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है।



पुनपुन और बागमती ने बढ़ाई चिंता

अन्य नदियों की स्थिति मिश्रित बनी हुई है। कोसी नदी बलतारा में 35.01 मीटर और कुरसेला में 31.32 मीटर पर बह रही है। दोनों स्थानों पर नदी खतरे के निशान से क्रमश: 1.16 मीटर और 1.32 मीटर ऊपर है।बूढ़ी गंडक खगड़िया में 37.96 मीटर पर है, जो खतरे के निशान से 1.38 मीटर अधिक है। घाघरा दरौली में 61.30 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 0.48 मीटर ऊपर है।



हालांकि, पुनपुन और बागमती की स्थिति विशेष रूप से चिंता का विषय बनी हुई है। पुनपुन श्रीपालपुर में 51.94 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान 50.60 मीटर से 1.34 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह बागमती बेनीबाद में 49.20 मीटर पर है, जो खतरे के निशान 48.68 मीटर से 0.52 मीटर अधिक है। यहां भी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का रुख दर्ज किया गया है।



बराजों से छोड़े जा रहे पानी पर भी नजर

नदियों के जलस्तर के साथ-साथ बराजों से छोड़े जा रहे पानी पर भी विभाग की नजर बनी हुई है। सोमवार सुबह आठ बजे कोसी नदी के वीरपुर बराज से डाउनस्ट्रीम में 1,55,710 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था और इसमें बढ़ोतरी का रुख दर्ज किया गया।



गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बराज से 86,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जबकि इसका प्रवाह स्थिर रहा। वहीं, सोन नदी के इंद्रपुरी बराज से 52,097 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसमें कमी का रुख दर्ज किया गया।



फिलहाल गंगा के अधिकांश केंद्रों पर जलस्तर घटने के बावजूद कई स्थानों पर नदी खतरे के निशान से ऊपर है। पुनपुन और बागमती में बढ़ोतरी तथा बराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता