ब्रेकिंग
Bihar News: पितृपक्ष महासंगम मेले की तैयारी तेज, 5 जिलों से 10 BAS अफसर गया में प्रतिनियुक्त...पटना में गणेश चतुर्थी की धूम, लालबाग के राजा ने पहना 55 लाख का मुकुट; राज्यपाल ने उतारी आरतीसाइबर ठगों से सावधान: शादी का कार्ड डाउनलोड करते ही खाते से उड़ गए 1.76 लाख रुपये, WhatsApp पर आया था APK मैसेजUCC को लेकर NDA में बढ़ा घमासान: JDU बोली- बिहार में नहीं लागू होगा, BJP ने कहा- शाह ने कहा है तो होकर रहेगा; मांझी-चिराग-कुशवाहा ने नहीं खोले पत्तेगुजरात में नाले का भी पानी बढ़ जाता तो PM पहुंच जाते, बिहार से भेदभाव क्यों? NDA सरकार से तेजस्वी का सवालBihar News: पितृपक्ष महासंगम मेले की तैयारी तेज, 5 जिलों से 10 BAS अफसर गया में प्रतिनियुक्त...पटना में गणेश चतुर्थी की धूम, लालबाग के राजा ने पहना 55 लाख का मुकुट; राज्यपाल ने उतारी आरतीसाइबर ठगों से सावधान: शादी का कार्ड डाउनलोड करते ही खाते से उड़ गए 1.76 लाख रुपये, WhatsApp पर आया था APK मैसेजUCC को लेकर NDA में बढ़ा घमासान: JDU बोली- बिहार में नहीं लागू होगा, BJP ने कहा- शाह ने कहा है तो होकर रहेगा; मांझी-चिराग-कुशवाहा ने नहीं खोले पत्तेगुजरात में नाले का भी पानी बढ़ जाता तो PM पहुंच जाते, बिहार से भेदभाव क्यों? NDA सरकार से तेजस्वी का सवाल

Bihar Flood : बिहार की बाढ़ पर केंद्र का बड़ा एक्शन,CM सम्राट को अमित शाह ने किया फोन; शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आएगी केंद्रीय टीम

बिहार में बाढ़ की तबाही के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अमित शाह ने फोन कर केंद्रीय टीम भेजने की जानकारी दी है। शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का पूरा आकलन करेगी।

Bihar Flood : बिहार की बाढ़ पर केंद्र का बड़ा एक्शन,CM सम्राट को अमित शाह ने किया फोन; शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आएगी केंद्रीय टीम
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar Flood  : बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या को लेकर अब केंद्र सरकार ने भी गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार के सीमावर्ती जिलों में पैदा होने वाली बाढ़ की स्थिति का स्थायी समाधान तलाशने और इस साल हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र की एक विशेष टीम बिहार पहुंचेगी। इस टीम का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।

बिहार सरकार की ओर से बाढ़ की स्थिति को लेकर लगातार केंद्र के साथ संपर्क किया जा रहा था। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोन कर केंद्रीय टीम भेजे जाने की जानकारी दी। माना जा रहा है कि केंद्रीय टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेगी और नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।

नेपाल से आने वाला पानी बनता है बिहार की बड़ी चुनौती

सीएम सम्राट ने कहा कि  बिहार में बाढ़ की समस्या का एक बड़ा कारण नेपाल से आने वाला पानी है। नेपाल में भारी बारिश के बाद नदियों में पानी बढ़ता है और इसका सीधा असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों पर पड़ता है। खासकर उत्तर बिहार के कई जिलों को हर साल इसका सामना करना पड़ता है।

मुख्रयमंत्री ने बताया कि, नेपाल से आने वाला पानी सबसे पहले सुपौल जैसे सीमावर्ती इलाकों को प्रभावित करता है। इसके बाद पानी मधुबनी समेत आसपास के कई जिलों तक पहुंचता है। देखते ही देखते बाढ़ का दायरा बढ़ जाता है और बड़ी आबादी इसकी चपेट में आ जाती है। यही वजह है कि इस बार सरकार केवल तत्काल राहत और बचाव तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बाढ़ से होने वाले नुकसान और इसके पीछे मौजूद स्थायी कारणों का भी अध्ययन कराने की तैयारी में है।

कई दिनों से तैयारी में जुटी थी बिहार सरकार

बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य सरकार के स्तर पर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर वह लगातार काम कर रहे थे और राज्य के सभी संबंधित पदाधिकारी भी बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।इसी बीच प्रधानमंत्री की ओर से बाढ़ की स्थिति के अध्ययन के लिए टीम बनाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से भी पहल तेज हो गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार केंद्रीय मंत्री के स्तर पर एक टीम बिहार भेजने जा रही है। इस टीम का नेतृत्व शिवराज सिंह चौहान करेंगे।

कहां कितना नुकसान, केंद्रीय टीम करेगी आकलन

केंद्रीय टीम के बिहार आने के बाद सबसे बड़ा फोकस नुकसान के आकलन पर रहेगा। टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर यह पता लगाएगी कि इस आपदा से बिहार को कितना नुकसान हुआ है।इसमें सिर्फ फसल और खेतों को हुए नुकसान को ही शामिल नहीं किया जाएगा, बल्कि बाढ़ से प्रभावित तमाम क्षेत्रों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।सरकार के मुताबिक टीम यह भी देखेगी कि— कहां सड़क और पुल-पुलिया जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा।किन इलाकों में लोगों के घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह टूट गए। किसानों की फसलों और कृषि भूमि को कितना नुकसान हुआ। बाढ़ के कारण किन इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ। तटबंध और अन्य सुरक्षा संरचनाओं की स्थिति क्या है। बाढ़ से आम लोगों और गरीब परिवारों पर कितना असर पड़ा। इस अध्ययन के आधार पर नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

क्या स्थायी समाधान की दिशा में बढ़ेगा कदम?

बिहार में बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है। हर साल मानसून के दौरान उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा होती है। लोगों को विस्थापन, फसल बर्बादी, घरों के नुकसान और आवागमन बाधित होने जैसी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में केंद्रीय टीम का दौरा केवल इस साल हुए नुकसान के आकलन तक सीमित रहता है या फिर बिहार की दीर्घकालिक बाढ़ समस्या के समाधान की दिशा में भी कोई ठोस योजना बनती है, यह देखने वाली बात होगी।

सबकी नजर अब इस केंद्रीय टीम के बिहार दौरे पर है। यदि टीम की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र से विशेष सहायता और बड़े स्तर पर बाढ़ नियंत्रण की योजना बनती है, तो हर साल बाढ़ का दंश झेलने वाले बिहार के लाखों लोगों के लिए यह बड़ी राहत की शुरुआत हो सकती है।