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Bihar Flood Alert: अगले कुछ घंटे में डूब जाएगा बिहार ! सोन बैराज का पानी लगातार बढ़ा, जानिए कोसी-गंडक का हाल

Bihar Flood Alert: सोन बैराज इंद्रपुरी से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर 5.18 लाख क्यूसेक पहुंच गया है। कोसी और गंडक बैराज से पानी का बहाव फिलहाल स्थिर है। जानिए बिहार के बैराजों का ताजा हाल।

Bihar Flood Alert: अगले कुछ घंटे में डूब जाएगा बिहार ! सोन बैराज का पानी लगातार बढ़ा, जानिए कोसी-गंडक का हाल
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

पटना: बिहार में एक बार फिर नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बैराजों से छोड़े जा रहे पानी ने चिंता बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग (WRD) की ओर से 4 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोन, कोसी और गंडक बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी डिस्चार्ज हो रहा है। सबसे ज्यादा दबाव सोन बैराज, इंद्रपुरी पर दिखाई दे रहा है, जहां पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ रहा है। दोपहर 2 बजे यहां से 5,18,170 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि विभाग ने इसका ट्रेंड Rising यानी बढ़ता हुआ बताया है।

बैराजों से लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के बीच नदी किनारे बसे इलाकों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर सोन नदी के आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।

सोन बैराज से लगातार बढ़ रहा पानी

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोन बैराज इंद्रपुरी से सुबह 11 बजे 4,74,429 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। इसके बाद दोपहर 12 बजे यह बढ़कर 4,84,442 क्यूसेक हो गया। दोपहर 1 बजे डिस्चार्ज 4,96,673 क्यूसेक पहुंचा और महज एक घंटे बाद 2 बजे यह बढ़कर 5,18,170 क्यूसेक हो गया।

यानी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच सोन बैराज के डिस्चार्ज में करीब 43,741 क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभाग के आंकड़ों में सोन बैराज का डिजाइन डिस्चार्ज 14.58 लाख क्यूसेक बताया गया है।लगातार बढ़ते आंकड़े इस बात का संकेत दे रहे हैं कि फिलहाल सोन बैराज पर पानी का दबाव कम नहीं हुआ है। ऐसे में सोन नदी के जलस्तर और उसके आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।

कोसी बैराज पर फिलहाल स्थिति स्थिर

सोन के मुकाबले कोसी बैराज, बीरपुर से पानी का डिस्चार्ज फिलहाल स्थिर दिखाई दे रहा है। 4 सितंबर को सुबह 11 बजे यहां 2,02,310 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। दोपहर 12 बजे यह घटकर 1,94,100 क्यूसेक हुआ और 1 बजे तथा 2 बजे यह 1,91,175 क्यूसेक पर स्थिर रहा।

जल संसाधन विभाग ने कोसी बैराज के ट्रेंड को Steady बताया है। इसका मतलब है कि पिछले दो घंटे के आंकड़ों के आधार पर फिलहाल डिस्चार्ज में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। हालांकि कोसी को बिहार की सबसे संवेदनशील नदियों में माना जाता है। इसलिए डिस्चार्ज स्थिर होने के बावजूद नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी जरूरी है।

गंडक बैराज से 1.42 लाख क्यूसेक पानी

गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर से भी लगातार 1,42,800 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक इसके आंकड़े में कोई बदलाव नहीं हुआ। चारों समय स्लॉट में डिस्चार्ज 1,42,800 क्यूसेक ही दर्ज किया गया। विभाग ने गंडक बैराज का ट्रेंड भी Steady बताया है। बैराज का डिजाइन डिस्चार्ज 8.50 लाख क्यूसेक है।

गंडक नदी के आसपास के इलाकों में पहले से ही बाढ़ और जलजमाव की स्थिति को देखते हुए बैराज से निकलने वाले पानी पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। खासकर नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर में अचानक बदलाव परेशानी बढ़ा सकता है।

कुल तस्वीर में सोन सबसे बड़ी चिंता

4 सितंबर की दोपहर 2 बजे की तस्वीर देखें तो तीनों प्रमुख बैराजों में सोन बैराज का डिस्चार्ज सबसे अधिक है। सोन से 5.18 लाख क्यूसेक, कोसी से 1.91 लाख क्यूसेक और गंडक से 1.42 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया।सबसे अहम बात यह है कि सोन बैराज का ट्रेंड बढ़ता हुआ है, जबकि कोसी और गंडक बैराज का ट्रेंड स्थिर है। ऐसे में आने वाले घंटों में सोन नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर विशेष नजर रखी जाएगी। जल संसाधन विभाग के अनुसार, ट्रेंड पिछले दो घंटे के आंकड़ों के आधार पर निर्धारित किया जाता है। इसलिए बैराज डिस्चार्ज के ये आंकड़े लगातार बदल सकते हैं।

प्रशासन और लोगों के लिए अलर्ट रहने का समय

बिहार में पहले से कई इलाकों में नदियों के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन सक्रिय है। ऐसे में बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में होने वाला बदलाव बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। खासकर सोन नदी के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।

फिलहाल कोसी और गंडक बैराज से पानी का बहाव स्थिर है, लेकिन सोन बैराज से डिस्चार्ज बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले कुछ घंटे बिहार के नदी किनारे वाले इलाकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। लोगों को प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों और नदी के जलस्तर से जुड़े अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।